लाल किले को दहलाने की साजिश में कौन-कौन था शामिल? चार्जशीट में आए 3 नए नाम, अलर्ट मोड में सुरक्षा एजेंसियां
Red Fort Blast Chargesheet: एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि संस्थापक सदस्यों में से एक मुजफ्फर ने जून 2022 में श्रीनगर में हुई गुप्त ईदगाह बैठक में हिस्सा लिया था।
- Written By: मनोज आर्या
दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके की तस्वीर, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Delhi Red Fort Blast Case Update: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने नवंबर 2025 में दिल्ली में लाल किले के पास कार बम धमाके के मामले में तीन और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी। सप्लीमेंट्री चार्जशीट में एनआईए ने जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट और मुजफ्फर अहमद (उर्फ फराज उर्फ जफर) को आरोपी बनाया है। ये सभी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। इसके साथ ही इस मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की कुल संख्या 13 हो गई है, जिसमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी (जिसकी अब मौत हो चुकी है) भी शामिल हैं।
फरार आरोपी मुजफ्फर अहमद एक पीडियाट्रिशियन हैं की पहचान सह-आरोपी डॉ. अदील अहमद राथर के बड़े भाई और अल-कायदा से जुड़े संगठन के संस्थापक सदस्य के तौर पर हुई है। एनआईए की जांच से पता चला है कि मुजफ्फर उन मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक थे, जिन्होंने सह-आरोपियों उमर, मुजम्मिल, अदील और मुफ्ती इरफान के साथ मिलकर 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके की साजिश रची थी।
NIA की जांच में क्या सामने आया?
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि संस्थापक सदस्यों में से एक मुजफ्फर ने जून 2022 में श्रीनगर में हुई गुप्त ईदगाह बैठक में हिस्सा लिया था, जिसके दौरान आतंकी मॉड्यूल बनाया गया था। मुजफ्फर, फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में उमर और मुजम्मिल द्वारा चलाए जा रहे गुप्त आईईडी सेंटर में टीएटीपी-आधारित आईईडी बनाने, उनकी टेस्टिंग और उन्हें सुरक्षित रखने के काम में शामिल थे। मुजफ्फर के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी किया गया है और उसे खोजने और गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। एनआईए की जांच के अनुसार ओवरग्राउंड वर्कर जमीर हैंडलर्स के साथ लगातार संपर्क में था और टेरर मॉड्यूल के लिए हथियार, गोला-बारूद और कैश पहुंचाने का काम करते थे।
सम्बंधित ख़बरें
BRICS NSA Meeting 2026: भारत में होगी ब्रिक्स देशों के NSA की अहम बैठक, चीनी विदेश मंत्री वांग यी होंगे शामिल
दिल्ली के शाहदरा स्टेशन पर बवाल! ट्रेन में चढ़ते समय हाथापाई में यूपी के व्यक्ति की मौत, देखते रहे लोग- VIDEO
दिल्ली के शाहदरा में एक घर में लगी आग, मौके पर मौजूद 6 दमकल की गाड़ियां, मची अफरा-तफरी
FSSAI ने दिल्ली-हरियाणा में पकड़ा 6,500 लीटर नकली घी, मिलावटखोरों में मची भारी खलबली, ऐसे किया पर्दाफाश
लश्कर-ए-तैयबा का रोल कितना अहम?
प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पूर्व ओजीडब्ल्यू तुफैल इस मॉड्यूल के लिए हथियार सप्लाई करने का काम करते थे। उन्होंने एक हैंडलर के जरिए ‘डेड ड्रॉप’ (गुप्त रूप से सामान छोड़ने की जगह) से एक एके-47, एक क्रिंकोव राइफल, एक पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस हासिल किए थे और उन्हें मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी (जिनकी मौत हो चुकी है) को 3 लाख रुपए में पहुंचाए थे।
यह भी पढ़ें: दिल्ली में रेड लाइट पर खड़ी बाइकों पर काल बनकर टूटी बस! एक व्यक्ति की मौत, देखें रोंगटे खड़े करने वाला VIDEO
हर एंगल से जांच कर रही है एनआईए
एनआईए इस मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है। एजेंसी ने मल्टी-डिसिप्लिनरी साइंटिफिक जांच के जरिए अलग-अलग आरोपियों के बीच संबंध स्थापित किए हैं, जिसमें डिटेल्ड फोरेंसिक टेस्टिंग, साजिश वाली जगहों की जियो-लोकेशन मैपिंग और फाइनेंशियल-ट्रेल का बारीकी से विश्लेषण शामिल है।
