पंचर और चाबी बनाने वालों के थे बच्चे, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर BJP नेता रमेश बिधूड़ी का विवादित बयान
Ramesh Bidhuri Latest Comment: रमेश बिधूड़ी ने आगे कहा कि आपको पता ही है कि पंचर और चाबी बनाने वाले कौन हैं। वहां पंचर लगाने वाले और ताला बनाने वाले ही ज्यादा थे, छात्र कम थे।
- Written By: मनोज आर्या
रमेश बिधूड़ी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ramesh Bidhuri On CJP Protesters: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रमेश बिधूड़ी का एक विवादित बयान सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए बिधूड़ी ने कहा कि जंतर-मंतर पर असली छात्रों की संख्या कम थी, जबकि पंचर और चाबी बनाने वाले लोग अधिक मौजूद थे।
रमेश बिधूड़ी ने आगे कहा कि आपको पता ही है कि पंचर और चाबी बनाने वाले कौन हैं। वहां पंचर लगाने वाले और ताला बनाने वाले ही ज्यादा थे, छात्र कम थे। क्या भारत की बेटी या बेटा मोदी जी के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर सकता है? जो लोग मोदी जी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे थे, वे पंचर लगाने वालों के ही खानदान और औलादें होंगी।
प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों को संदेश
इस प्रदर्शन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार (31 जुलाई) देर रात करीब 11 बजे इंस्टाग्राम पर लाइव आकर Gen-Z को संबोधित किया। पीएम मोदी ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर भद्दी भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे देश और दुनिया ने देखा है। कुछ शरारती तत्वों ने ऐसी भद्दी गालियां दीं जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देतीं। मुझे और मेरी स्वर्गीय माता जी को भी गालियां दी गईं।
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
नीट पेपर लीक विवाद के बाद से ही विपक्ष और विभिन्न राजनीतिक दल तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहे थे। इससे पहले 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली थी, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
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NTA के 47 अधिकारी सस्पेंड
शुरुआती दौर में सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, हालांकि बाद में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा, छात्रों के भारी विरोध को देखते हुए सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ा एक्शन लिया।
