NEET केस में बड़ा ट्विस्ट! 10 दिन पहले बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट, अचानक स्पेशल जज का तबादला, कल होनी थी अहम सुनवाई
NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक केस में गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालिगा का 10 दिन के भीतर तबादला कर दिया गया। अब जज अजय गुप्ता मामले की सुनवाई करेंगे।
- Written By: प्रिया जैस
पेपर लीक मामले में जज बदले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Delhi High Court: नीट पेपर लीक मामले में तेजी से सुनवाई कर दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष जजों की भी नियुक्ति की गई थी। लेकिन फास्ट ट्रैक बने अभी 10 दिन भी नहीं हुए और विशेष जजों में से एक का ट्रांसफर कर दिया गया है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का 10 दिनों के अंदर ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे सभी हैरान है।
दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने शनिवार को 137 न्यायिक अधिकारियों के तबादले की एक लिस्ट जारी की थी। इसमें उनका भी नाम शामिल है। जज अनु ग्रोवर बालिगा उन 137 न्यायिक अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें दिल्ली हाई कोर्ट ने शनिवार को जारी लिस्ट में शामिल किया है।
स्पेशल जज अनु ग्रोवर बालिगा ने 25 जुलाई को ही पदभार ग्रहण किया था, लेकिन महज एक हफ्ते के अंदर उनका तबादला कर दिया गया था। अब, स्पेशल जज अजय गुप्ता इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट का कार्यभार संभालें। उन्होंने पहले नीट परीक्षा सहित पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई की थी।
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NIA मामलों की सुनवाई करेंगी अनु ग्रोवर
इस बीच, नए आदेश के अनुसार, न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत आतंक से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए नामित विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है। एनआईए मामलों के अलावा, न्यायाधीश अनु ग्रोवर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई करेंगी। आतंक से संबंधित मामलों की अध्यक्षता करने वाले अन्य न्यायाधीशों में विकास ढुल, प्रशांत शर्मा, पुलस्त्य प्रमाचला, किरण बंसल और अमित बंसल शामिल हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने दिए थे निर्देश
आपको जानकारी दें, कि 23 जुलाई की सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीट पेपर मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने का ऐलान किया था। पीएम की घोषणा पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उसी दिन शाम को देश के पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया था और जज अनु ग्रोवर बालीगा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी।
पदभार संभालने के बाद जज अनु ग्रोवर ने 27 जुलाई को मामले में पहली सुनवाई की थी। हालांकि, पहली सुनवाई में सीबीआई की ओर से वकील पेश ही नहीं हुए, जिसके कारण मामले की सुनवाई टल गई। इसके बाद सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
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NEET पेपर लीक मामला
इसके बाद, जज अनु ग्रोवर ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने और दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर विचार करने के लिए मामले की सुनवाई 3 अगस्त के लिए तय की थी। अब सोमवार को स्पेशल जज अजय गुप्ता चार्जशीट पर संज्ञान लेने के पहलू पर विचार करेंगे।
3 मई को हुई परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद CBI ने इस मामले में FIR दर्ज की थी और 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच 3 मई की परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी।
