पांच साल में बीजेपी के तीन मुख्यमंत्री…इस बार 5-6 दावेदार, सरकार बनी तो क्या करेगा आलाकमान?
BJP CM Face Delhi: एग्जिट पोल के लिहाज से भाजपा दिल्ली में सरकार बनाती नजर आ रही है। यही आंकड़े अगर नतीजों में तब्दील होते हैं तो सीएम की रेस में भाजपा के एक-दो नहीं बल्कि पांच से छह नेता है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी तो कौन होगा मुख्यमंत्री? इस बार 5-6 दावेदार
नवभारत डेस्क: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है और सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद हो चुकी है। दिल्ली इलेक्शन को लेकर ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुसार भाजपा बहुमत के साथ दिल्ली में सरकार बनाती दिख रही है। आम आदमी पार्टी को इस बार बड़ा सियासी झटका लगता दिख रहा है।
एग्जिट पोल में जिस तरह से अनुमान लगाए गए हैं अगर वो 8 फरवरी को चुनाव नतीजों में तब्दील होते हैं तो फिर 27 साल बाद दिल्ली में भाजपा की वापसी होगी। ऐसे में सवाल उठता है कि भाजपा दिल्ली में किसे मुख्यमंत्री बनाएगी?
बीजेपी ने नहीं बनाया किसी को फेस
बीजेपी ने अपने किसी भी नेता को दिल्ली में मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बनाया था। प्रधानमंत्री मोदी के नाम और काम को लेकर बीजेपी दिल्ली चुनाव में उतरी थी। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पूरे चुनाव के दौरान भाजपा से यही सवाल करते दिखे कि भाजपा बताए दिल्ली में कौन उसका चेहरा होगा। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी ने रमेश बिधूड़ी के नाम को तो कभी प्रवेश वर्मा के नाम को बीजेपी का दिल्ली में चेहरा बताया।
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खराब रहा है पिछला रिकॉर्ड
दिल्ली के सियासी इतिहास में भाजपा ने 1993 में सरकार बनाई थी और पांच साल के कार्यकाल के दौरान तीन मुख्यमंत्री बनाए थे। 1993 में बीजेपी ने सत्ता में आने के बाद ही मदनलाल खुराना को मुख्यमंत्री बनाया था और उसके बाद साहिब सिंह वर्मा को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी। 1998 चुनाव से पहले बीजेपी ने साहिब वर्मा की जगह सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बना दिया था। साल 1998 का चुनाव हारने के बाद बीजेपी कभी भी सत्ता में वापसी नहीं कर पाई।
अब 2025 में एग्जिट पोल के लिहाज से भाजपा दिल्ली में सरकार बनाती नजर आ रही है। यही आंकड़े अगर नतीजों में तब्दील होते हैं तो सीएम की रेस में भाजपा के एक-दो नहीं बल्कि पांच से छह नेता है। ऐसे में देखना है कि भाजपा किसे सीएम की कुर्सी सौंपती है?
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इन नेताओं का नाम सीएम पद की रेस में
- दुष्यंत कुमार गौतम
- बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
- दलित समुदाय से आते हैं और पार्टी में अहम पदों पर रह चुके हैं।
- दिल्ली में अगर बीजेपी की सरकार बनती है, तो सीएम की रेस में उनका नाम सबसे आगे है।
- अमित शाह और पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं।
- प्रवेश वर्मा
- नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
- अगर वे केजरीवाल को हराने में सफल होते हैं, तो सीएम की दौड़ में उनका नाम हो सकता है।
- इस सीट को दिल्ली की सत्ता का केंद्र माना जाता है।
- विजेंद्र गुप्ता
- दिल्ली के रोहिणी विधानसभा से बीजेपी के प्रत्याशी हैं।
- उन्होंने केजरीवाल की लहर में भी जीत हासिल की थी और बीजेपी के मुखर नेता रहे हैं।
- उनकी सियासी पहचान एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में बन चुकी है।
- रामवीर सिंह बिधूड़ी
- गुर्जर समाज से आते हैं और दिल्ली के दक्षिणी दिल्ली से सांसद हैं।
- लंबे समय तक विधायक रहे हैं और दिल्ली चुनाव में बहुत एक्टिव नजर आए हैं।
- अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो उनका नाम सीएम की रेस में शामिल हो सकता है।
- रमेश बिधूड़ी
- कालकाजी सीट से सीएम आतिशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
- दो बार लोकसभा सांसद रहे हैं और पहले दिल्ली में विधायक रह चुके हैं।
- सीएम पद के लिए उनके नाम की चर्चा है, लेकिन चुनाव जीतना जरूरी है।
- मनोज तिवारी
- नॉर्थ दिल्ली से लगातार तीन बार सांसद रहे हैं।
- पूर्वांचल वोट बैंक के बड़े नेता माने जाते हैं।
- दिल्ली प्रदेश की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं और बीजेपी के लिए एक मजबूत चेहरा हैं।
- अगर बीजेपी दिल्ली में जीतती है, तो उनका नाम सीएम के दावेदारों में हो सकता है।
