राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत बोले- पहलगाम हमले में चूक की बात मानी तो जांच क्यों नहीं करवाई
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि जब पहलगाम हमले में सुरक्षा में चूक की बात स्वीकारी तो कहां चूक हुई इसकी जांच क्यों नहीं करवाई।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
पहलगाम घटना को लेकर अशोक गहलोत का पीएम मोदी पर हमला
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के बाद से विपक्ष ने वाक युद्ध शुरू कर दिया है। कांग्रेस की ओर से लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। युद्ध विराम को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं तो वहीं पहलगाम हमले की सुरक्षा में चूक को लेकर मोदी सरकार को घेरा जा रहा है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जब पहलगाम हमले में सुरक्षा में चूक की बात मानी जा रही तो जांच क्यों नहीं करवाई गई।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार के एक मंत्री ने सुरक्षा में चूक की बात स्वीकार की थी, इसके बाद भी सरकार ने इसकी जांच नहीं कराई। उन्होंने पार्टी की ओर से आयोजित दिल्ली में ‘जयहिंद सभा’ में कहा कि सरकार को सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए, लेकिन सरकार इससे बच रही है।
संसद का सत्र बुलाने को कहते हैं लेकिन बुला रहे
गहलोत ने कहा, नेहरू जी के समय जब युद्ध चल रहा था तो उस वक्त के युवा सांसद अटल बिहारी वाजपेयी की मांग पर संसद का सत्र बुलाया गया लेकिन अब कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है। गहलोत ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के एक कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि आपकी सरकार के एक मंत्री ने माना था कि चूक हुई थी, ऐसे है तो कहां चूक हुई इसे लेकर जांच क्यों नहीं कराई गई? इसका सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।
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नसों में सिंदूर दौड़ेगा तो कोई जिंदा रहेगा क्या..
गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वो कहते हैं कि मेरे अंदर खून की जगह सिंदूर दौड़ रहा है। नए नए जुमले लाते हैं। क्या सिंदूर दौड़ सकता है? अगर ऐसा होगा तो कोई जिंदा रहेगा? जब पूरे देश ने एकजुटता दिखाई तो प्रधानमंत्री और सत्तापक्ष राजनीति करने लगे। जब देश में सवाल खड़े होने लगे तो ये लोग तिरंगा यात्रा करने लगे। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में फासीवादी लोग बैठ गए हैं, जिन्हें उखाड़कर फेंकना होगा।
