सॉरी, मैं इन चींटियों के साथ नहीं जी सकती…डर ऐसा जो ले डूबा जिंदगी! तेलंगाना में अजीब घटना से मातम
Telangana के संगारेड्डी जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर आई, जहां पर एक 25 साल की एक शादीशुदा महिला ने चींटियों के खौफ के चलते अपनी जीवनलीला को समाप्त करना ही उचित लगा और उसने जान दे दी।
- Written By: सौरभ शर्मा
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में चींटियों के डर से महिला ने दी जान (फोटो- सोशल मीडिया)
Telangana woman suicide due to ants fear: क्या कभी आपने सोचा है कि मामूली सी दिखने वाली चींटियां भी किसी की जान ले सकती हैं? या कहें कि किसी के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, बिल्कुल तेलंगाना के संगारेड्डी जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर आई है, जिसने एक हसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां 25 साल की एक शादीशुदा महिला मनीषा ने चींटियों के खौफ के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त करना ही उचित लगा। वह अपने पीछे पति श्रीकांत और एक मासूम बेटी अन्वी को छोड़ गई हैं। यह दर्दनाक घटना अमीनपुर नगरपालिका क्षेत्र के सर्व होम्स में घटी, जहां यह परिवार रहता था।
तो दरअसल मामला ऐसा है कि मनीषा को ‘माइर्मेकोफोबिया’ नाम की एक बेहद अजीब और गंभीर मनोवैज्ञानिक बीमारी थी। इस बीमारी में इंसान को चींटियों से असहनीय डर लगता है, जो सामान्य डर से कहीं ज्यादा खौफनाक होता है। यह एक ऐसी मानसिक स्थिति थी जिसने मनीषा का जीना मुश्किल कर दिया था। परिवार वालों ने इस मनोवैज्ञानिक समस्या के लिए उसका इलाज भी कराया, काउंसलिंग का सहारा लिया, लेकिन डर का यह साया इतना गहरा था कि मनीषा उससे बाहर नहीं निकल पाई।
जब पति घर लौटा तो दरवाजा बंद मिला
यह पूरी घटना मंगलवार, 4 नवंबर की शाम की है। जब पति श्रीकांत काम से घर लौटे, तो उन्होंने बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद पाया। घर में पसरी खामोशी ने उन्हें बेचैन कर दिया। उन्होंने अपनी पत्नी मनीषा को बहुत आवाजें लगाईं और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जब घबराकर श्रीकांत ने पड़ोसियों की मदद ली तब पड़ोसियों की मदद से दरवाजा को तोड़ा गया, तो कमरे के अंदर के अंदर का दृश्य देखकर श्रीकांत के होश उड़ गए। उनकी पत्नी मनीषा पंखे से लटकी हुई थीं, और उन्होने यह खतरनाक कदम उठाकर सुसाइड कर लिया। इस घटना से समझा जा सकता है एक छोटा सा विकार भी किसी इंसान के जानलेवा साबित हो सकता है। ‘माइर्मेकोफोबिया’ की मनोवैज्ञानिक समस्या से पीड़ति मनीषा का मामला इतना बिगड़ गया उसने जान देना ही उचित समझ लिया।
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‘बेटी अन्वी का ध्यान रखना…’
उस कमरे में तेलंगाना पुलिस को मनीषा का लिखा एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपने दर्द और मजबूरी को बयां किया था। यह सुसाइड नोट पढ़कर पूरा परिवार टूट गया। मनीषा ने अपने पति को संबोधित करते हुए लिखा, ‘श्रीकांत आई एम सॉरी, मैं इन चींटियों के साथ नहीं जी सकती हूं।’ अपनी मासूम बेटी के लिए भी मां ने अपना आखिरी संदेश छोड़ा। उसने लिखा, ‘बेटी अन्वी का ध्यान रखना।’ मनीषा के इस कदम ने एक खुशहाल परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की और हर एंगल के साथ जांच में जुटी हुई है। लेकिन इस घटना से समझा जा सकता है कि एक छोटी सी चीज भी यदि विकार बन जाए तो जान ले सकती है।
