लाल किला ब्लास्ट जांच में बड़ा खुलासा: ISIS और अलकायदा की वजह से आतंकी मॉड्यूल में थे मतभेद
Red Fort Blast: लाल किला कार ब्लास्ट मामले में पता चला कि आतंकी समूह के भीतर विचारधारा, फंड और हमले की रणनीति को लेकर गहरे मतभेद थे। जिस कारण से आतंकी उमर अदील की शादी तक में नहीं गया था।
- Written By: प्रिया सिंह
लाल किला कार ब्लास्ट (सोर्स - सोशल मीडिया)
Delhi Blast Probe Reveals Rift Between ISIS And Al-Qaeda: लाल किला कार बम विस्फोट की जांच अब नए-नए खुलासों से भर रही है। जांच एजेंसियों ने पाया कि आतंकी मॉड्यूल के सदस्य एक-दूसरे से सहमत ही नहीं थे। ISIS और अलकायदा की विचारधाराओं को लेकर उनके बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। इन्हीं आंतरिक तनावों के बीच आतंकी उमर धीरे-धीरे समूह का नेतृत्व अपने तरीके से करता रहा।
ISIS बनाम अलकायदा
लाल किला कार बम विस्फोट मामले में जांच एजेंसियों ने पाया कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े इस आतंकी मॉड्यूल में एकरूपता बिल्कुल नहीं थी। आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी लगातार ISIS की विचारधारा की तरफ झुकता जा रहा था। वह ‘खिलाफत’ स्थापित करने और ‘करीबी दुश्मन’ पर हमला करने की बात करता था।
इसके उलट, उसके साथी मुजम्मिल गनई, अदील राथर और मुफ्ती इरफान वागे अलकायदा की सोच से प्रभावित थे, जिसमें पश्चिमी संस्कृति और ‘दूर के दुश्मन’ पर हमले को प्राथमिकता दी जाती है। इसी मानसिक टकराव के चलते उमर अपने साथियों से कटा-कटा रहता था और अदील की शादी तक में नहीं गया।
अफगानिस्तान जाने की नाकाम कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि वागे को छोड़कर यह गुट पहले अफगानिस्तान जाकर प्रशिक्षण लेना चाहता था। लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हुई। इसके बाद इन लोगों ने भारत में ही लक्ष्य खोजने का फैसला किया और उमर ने 2023 से IED बनाने पर रिसर्च शुरू कर दी।
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फंड को लेकर भी विवाद
गुट में एक और बड़ा झगड़ा पैसे के इस्तेमाल को लेकर था। डॉ. उमर पर आरोप है कि उसने जुटाए गए पैसों का हिसाब नहीं रखा। जांच में सामने आया कि लगभग 20 लाख रुपये डॉ. शाहीन शाहिद अंसारी ने क्राउडफंडिंग के जरिए जुटाए थे। शाहीन का संबंध जेएम के महिला विंग जमात-उल-मोमिनात से बताया जा रहा है और वह फरीदाबाद में मॉड्यूल को संसाधन मुहैया कराने में मदद करती थी।
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काजीगुंड की महत्वपूर्ण बैठक
अक्टूबर में मौलवी इरफान वागे की गिरफ्तारी के बाद, उमर ने 18 अक्टूबर को काजीगुंड में बाकी सदस्यों से मुलाकात की। यह माना जा रहा है कि इसी बैठक में उमर ने गुट को अपनी पसंद की दिशा में मोड़ने में सफलता पाई। दिल्ली में ब्लास्ट इसी बैठक के लगभग तीन हफ्ते बाद हुआ। 2,900 किलो IED सामग्री बरामद वागे की गिरफ्तारी ने पुलिस को पूरे मॉड्यूल तक पहुंचाया। फरीदाबाद के कमरे से 2,900 किलो IED बनाने वाली सामग्री बरामद हुई, जिसमें विस्फोटक, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, तार, रिमोट कंट्रोल जैसी चीजें शामिल थीं।
