देवी की मूर्ती हाथ मे ले निर्वस्त्र होकर पानी में कूदी सॉफ्टवेयर इंजीनियर, देख कर पुलिस के भी उड़ गए होश!

Hyderabad Techie Death: हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजस्विनी की रहस्यमयी मौत ने सबको चौका दिया है। सीसीटीवी में देवी की मूर्ति लेकर झील में कूदती दिखी वो; पुलिस जांच में जुटी है।
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हैदेराबाद टेकी ने दी पानी में कूद के जान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Hyderabad Techie Mysterious Death Reason: आंध्र प्रदेश की एक 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, तेजस्विनी की मौत ने हैदराबाद पुलिस और आम जनता को सदमे में डाल दिया है। विजयनगरम जिले के देवपल्ली गांव की रहने वाली तेजस्विनी कभी बेंगलुरु की एक नामी IT कंपनी में ऊंचे पद पर कार्यरत थी लेकिन पिछले छह महीनों से उसने अपनी नौकरी छोड़ दी थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे एक साधारण आत्महत्या माना था, लेकिन जैसे-जैसे जांच की परतें खुलीं, यह मामला किसी डरावनी पहेली जैसा लगने लगा है।

सीसीटीवी का वो खौफनाक मंजर

घटना की रात पीरजादीगुडा इलाके में जो कुछ भी हुआ, उसे देखकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। जब मंदिर प्रशासन ने देवी की मूर्ति चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, तब पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में देखा गया कि तेजस्विनी आधी रात को पूरी तरह से निर्वस्त्र (नग्न) हालत में मंदिर की ओर दौड़ती हुई आई।

उसने मंदिर में प्रवेश किया, वहां स्थापित देवी अम्मावारु की पवित्र मूर्ति को उठाया और उसे अपने सीने से मजबूती से सटा लिया। इसके बाद वह उसी अवस्था में मंदिर से बाहर निकली और सीधे पास की झील की तरफ दौड़ लगा दी। झील के किनारे पहुंचते ही उसने मूर्ति को अपने शरीर से सटाए हुए ही पानी में छलांग लगा दी।

गायब मूर्ति: मौत का सबसे बड़ा सबूत

अब पुलिस और डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (DRF) की टीमें इस गायब मूर्ति को खोजने में दिन-रात एक कर रही हैं। झील में नावों और गोताखोरों की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जांच अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि यह मूर्ति इस पूरे मामले का सबसे मुख्य साक्ष्य  है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि एक उच्च शिक्षित इंजीनियर ने आखिर ऐसा असामान्य और विचलित करने वाला व्यवहार क्यों किया।

1 लाख रुपये किराया और अवैध लॉज का रहस्य

इस मामले में वित्तीय विवरणों ने पुलिस की जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि तेजस्विनी जिस इमारत में रहती थी, वहां वह प्रतिदिन 3,500 रुपये किराया दे रही थी, यानी महीने का खर्च लगभग 1 लाख रुपये था। पुलिस के सामने यह बड़ा सवाल है कि छह महीने से बेरोजगार होने के बावजूद वह इतना भारी किराया कैसे चुका रही थी? इसके अलावा, जिस इमारत में वह रहती थी, उसके ऊपरी दो तलों पर अवैध रूप से एक लॉज चलाया जा रहा था। पुलिस अब इस संदिग्ध लॉज के मालिकों और तेजस्विनी की मौत के बीच के संभावित संबंधों की गहराई से जांच कर रही है।

पुलिस की तफ्तीश और अनसुलझे सवाल

हैदराबाद पुलिस ने तेजस्विनी की मां अरुणा से भी लंबी पूछताछ की है और उसके बैंक लेन-देन की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

तेजस्विनी के कथित 'डेथ डिक्लेरेशन' (मृत्यूपूर्व बयान) और उसके अंतिम दिनों की हर गतिविधि का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है।

क्या यह मामला केवल मानसिक तनाव का है, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल उस झील की गहराइयों में दबे उस मूर्ति और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के इंतजार में हैं।

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