मोबाइल फोन बरामद (सोर्स-सोशल मीडिया)
Delhi Police IMEI Tracking Success: दिल्ली पुलिस ने तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करते हुए मोबाइल चोरों के मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया है। क्राइम ब्रांच मोबाइल रिकवरी 2026 के तहत पुलिस ने IMEI नंबर को डिजिटल कुंडली बनाकर बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। 75 चोरी हुए मोबाइल फ़ोन को सफलतापूर्वक ट्रेस करने के बाद अब उनके असली मालिकों को वापस लौटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस की IMEI ट्रैकिंग में सफलता की इस बड़ी कामयाबी से लोगों में सुरक्षा को लेकर एक नया विश्वास पैदा हुआ है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के हाथ एक ऐसी डिजिटल कुंडली लगी है जिसने मोबाइल चोरी करने वालों के पसीने छुड़ा दिए हैं। पुलिस ने IMEI डेटा की मदद से करीब 16 लाख रुपये की कुल कीमत वाले 75 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हर फोन की अपनी एक यूनिक पहचान होती है जिसे ट्रेस करके पुलिस इन चोरों तक पहुंचने में सफल रही है।
इस पूरे सफल ऑपरेशन को डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में सेंट्रल रेंज की कमला मार्केट और सनलाइट कॉलोनी की टीमों ने अंजाम दिया। पुलिस टीम ने तकनीक का कुशलता से प्रयोग करते हुए अलग-अलग लोकेशन से इन कीमती फोनों को सफलतापूर्वक ट्रेस किया है। बरामद किए गए कुल 75 मोबाइल फोनों में से 65 फोन सेंट्रल रेंज ने और 10 फोन सनलाइट कॉलोनी टीम ने रिकवर किए हैं।
पुलिस ने बरामद किए गए सभी मोबाइल फोनों को उनके सही मालिकों तक पहुंचाने के लिए 30 मार्च 2026 को एक विशेष कार्यक्रम रखा। इस कार्यक्रम में कागजी दस्तावेजों की गहन जांच और पारदर्शी प्रक्रिया के बाद ही लोगों को उनके खोए हुए फोन लौटाए गए। हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार और उनकी टीम की तकनीकी समझ और कड़ी मेहनत ने इस पूरे मिशन को सफल बनाया है।
पूर्वी जिले की एंटी स्नैचिंग सेल ने प्रीत विहार इलाके में हुई एक मोबाइल छीनने की घटना में शामिल दो लोगों को पकड़ा है। आरोपियों के पास से छीना गया कीमती आईफोन 15 प्रो बरामद कर लिया गया है जो 22 मार्च 2026 को छीना गया था। शिकायतकर्ता नव्या भाटिया अपनी मां और दादी के साथ शॉपिंग पर जा रही थीं जब यह घटना शंकर विहार में हुई।
पुलिस ने इस मामले में 20 वर्षीय आरोपी उजेब खान को न्यू सीलमपुर स्थित उसके घर से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है। उजेब खान के साथ एक नाबालिग लड़की भी शामिल थी जिसने स्कूटी पर सवार होकर सरेराह मोबाइल छीनने की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने इस वारदात के लिए काले रंग की स्कूटी का इस्तेमाल किया था जिससे वे फोन छीनकर तेजी से फरार हो गए थे।
दिल्ली पुलिस के इस कदम से मोबाइल स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं पर लगाम लगने की एक नई उम्मीद जगती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपने फोन के IMEI नंबर को हमेशा सुरक्षित रखें क्योंकि यह रिकवरी में मुख्य भूमिका निभाता है। इस तरह की तकनीकी कार्रवाई से अपराधियों में भय पैदा होता है और चोरी के सामान को बेचना मुश्किल हो जाता है।
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इस चुनौतीपूर्ण मिशन को पूरा करने वाली टीम में अंकुर कुमार, जय सिंह, मनीष यादव और सुकराम जैसे समर्पित पुलिसकर्मी शामिल थे। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता के कारण ही लाखों रुपये की कीमत वाले इन स्मार्टफोन्स को समय रहते बरामद करना संभव हो पाया है। पुलिस विभाग अब इस तरह के तकनीकी आधारित ऑपरेशनों को और अधिक विस्तार देने की व्यापक योजना पर काम कर रहा है।