चंद्रपुर में चोरी का बढ़ता ग्राफ, दो महीनों में 193 वारदातों से पुलिस की चिंता बढ़ी

Chandrapur Theft Cases: चंद्रपुर जिले में जनवरी और फरवरी के दौरान चोरी, सेंधमारी और लूटपाट की 193 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे पुलिस की चिंता बढ़ गई है और गर्मियों में बंद घर चोरों के निशाने पर है।
chandrapur theft cases rise summer season police data 2026
Chandrapur Theft Cases (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Chandrapur Crime News: ग्रीष्मकाल शुरु हो चुका है। कई लोग ठंडे इलाकों की आबोहवा का आनंद लेने पर्यटन की योजना बना रहे है, शादी ब्याह व अपने मूल गांव को जाने की योजना भी कई लोग बना रहे है। ऐसे में बंद घर चोर व सेंधमारों के निशानेपर आ गए है। इसलिए शहर के साथ ग्रामीण भागों में भी चोरियों का प्रमाण बढ़ गया है।

जिले में जनवारी व फरवरी इन महीनों में चोरी की कुल 193 वारदातें हुई है। इसमें सेंधमारी के 55, चोरी के 134 व लूटपाट के 4 मामलों का समावेश है। महज 2 महिनों में जिले में 193 वारदात होने से पुलिस का सरदर्द बढ़ गया है। बाहर जाना महंगा पड़ रहाः चंद्रपुर यह औद्योगिक जिला होने से यहां विविध प्रदेशों के लोग रहते है।

गर्मियों में बंद घर चोरों के निशाने पर

ग्रीष्मकाल शुरू होते ही यह लोग अपने मूल गांव छुट्टियां बिताने जाते है। वहीं स्थानीय लोग ठंडे इलाकों की आबोहवा का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटन का नियोजन कर कुल्लू मनाली से लेकर अन्य स्थानों पर निकल पडते है। इसलिए चोरों को तैयार वातावरण मिल जाता है। पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जनवरी से फरवरी महीनों के दौरान चोरों ने 55 घरों को अपना निशाना बनाया और 1,80,309 रुपयों का माल उडाया, 4 जगहों पर हुई लूटपाट में 6,03,000 रुपए तो 134 जगहों पर हुई चोरियों में आरोपियों ने 3,54,82,071 रुपयों के माल पर हाथ साफ कर लिया है।

86 मामलों का पर्दाफाश

लूटपाट, चोरी, सेंधमारी की कुल 193 वारदातों की शिकायत प्राप्त होने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज करते हुए जांच यंत्रणा काम पर लगाई। इसमें से 86 चोरी की वारदातों को सुलझाने में पुलिस को सफलता हाथ लगी। पुलिस ने चोरों को हवालात में डालते हुए 3,54,82,071 रुपये के माल में से 1,47,70,124 रुपयों का मुद्देमाल बरामद किया। शेष 107 मामलों के आरोपियों की खोजबीन शुरू है।

पुलिस को सहयोग दे

स्थानीय अपराध शाखा पोलिस निरीक्षक अमोल काचोरे ने कहा कि जनता की सुरक्षा यह पुलिस की जिम्मेदारी है। ऐसा होते हुए भी जनता को अपनी सावधानी नहीं भूलनी चाहिए। जनता को पुलिस से सहयोग की जरूरत है। कुछ अनुचित घटना होती है तो तत्काल 112 नंबर पर सूचना देकर लोग हमे सहयोग कर सकते है।

CCTV को भी झांसा दे रहे आरोपी

टेक्नोलॉजी की दुनिया में अब आरोपी भी हाईटेक हो गए है। आरोपी पहले बंद घरों व दुकानों की रेकी करते है। रात को चोरी करते समय चेहरा ढंक कर जाते है। यहीं नहीं समय पर सीसीटीव्ही के केबल काट कर चोर घर के भीतर प्रवेश करते है। ऐसी स्थिति में चोरों को पहचानना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है।

पुलिस की रात्री गश्त पर सवाल

आरोपियों को पकड़ना व लोगों के जान माल की हिफाजत करना यह पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके लिए रात के समय गश्त लगाई जाती है। यह गश्त शुरू रहते समय सायरन बजाया जाता है। इससे चौर सतर्क व चौकन्ना हो जाते है, इसलिए पुलिस की रात्री कालीन गश्त पर सवाल लग रहे है।

Navbharat Live
navbharatlive.com