सीबीआई को मिली बड़ी सफलता, यूएई से भारत लाया गया वॉन्टेड परमिंदर सिंह

CBI की टीम ने यूएई से एक वॉन्टेड आरोपी परमिंदर सिंह को गिरफ्तार कर भारत लाई है। परमिंदर सिंह को पंजाब पुलिस को कई दिनों से तलाश थी। आरोपी पर फंड जुटाकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कई आरोप हैं
सीबीआई को मिली बड़ी सफलता, यूएई से भारत लाया गया वॉन्टेड परमिंदर सिंह
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CBI Gets A Big Success: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इंटरपोल चैनलों के माध्यम से एक बड़ी सफलता हासिल की। इसके तहत वांछित भगोड़े परमिंदर सिंह उर्फ ​​निर्मल सिंह उर्फ ​​पिंडी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाया गया।

परमिंदर सिंह पंजाब पुलिस द्वारा जबरन वसूली, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, हत्या के प्रयास और आपराधिक धमकी के मामलों में वांछित है। वह भारत से भाग गया था।

यूएई से पंजाब पुलिस की एक टीम किया एस्कॉर्ट

अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू), सीबीआई ने शुक्रवार को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, एनसीबी-अबू धाबी और पंजाब पुलिस के सहयोग से वांछित रेड नोटिस जारी परमिंदर सिंह को भारत वापस लाने में सफलतापूर्वक समन्वय किया। उसे यूएई से पंजाब पुलिस की एक टीम द्वारा एस्कॉर्ट किया गया था।

इंटरपोल के माध्यम से जारी कराया था रेड नोटिस

इससे पहले इस मामले में पंजाब पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 13 जून को इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी करवाया था। यूएई के अधिकारियों ने परमिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उसे भारत प्रत्यर्पित करने का निर्णय लिया गया। इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस वांछित अपराधियों पर नजर रखने के लिए दुनिया भर की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजे जाते हैं।

अब तक 130 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया

भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में सीबीआई, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए भारतपोल के माध्यम से देश में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से समन्वय करके 130 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।

परमिंदर सिंह पर कई गंभीर आरोप

बता दें कि, परमिंदर सिंह पर फंड जुटाकर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने, रंगदारी, हत्या की कोशिश और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप हैं। भारत से फरार होने के बाद वह लंबे समय से विदेश में छिपा हुआ था। सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट (IPCU) ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, अबू धाबी स्थित एनसीबी और पंजाब पुलिस के साथ मिलकर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 26 सितंबर को पंजाब पुलिस की टीम उसे यूएई से लेकर भारत पहुंची है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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