बिस्किट खिलाया और फिर मिठाई! लालच देकर चढ़ा दी बलि, पकड़ा गया बच्चे का हत्यारा
Crime News: अपने बीमार बच्चे को ठीक करने के लिए दूसरे बच्चे की बलि देने वाले आरोपी को पुलिस ने करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को सामरीपाठ थाने में गिरफ्तार किया गया है।
- Written By: सौरभ शर्मा
आरोपी राजू कोरवा (फोटो- सोशल मीडिया)
Balrampur Crime News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर स्थित सुलुकडीह में एक व्यक्ति ने अपने बीमार बच्चे को ठीक करने के लिए गांव के तीन साल के बच्चे की बलि चढ़ा दी थी। अब घटना के लगभग 2 साल बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आरोपी ने बताया कि उसने पहले बच्चे को अकेला देखा फिर उसे बिस्कुट और मिठाई खिलाई और इसी लालच के साथ बच्चे को अपने साथ ले गया, जहां पूजा-पाठ करने के बाद छुरी से बच्चे का गला काट दिया।
सूचना के अनुसार सामरी थाना क्षेत्र के निवासी बीरेन्द्र नगेशिया का 3 साल का बच्चा अजय अप्रैल 2024 में जंगल में लापता हो गया था। बीरेन्द्र एक रसोईया का काम करता है और वो अपने परिवार के साथ इलबासा के जंगल में ही झोपड़ी बनाकर उस समय मुहआ बीनने का काम कर रहे थे। उसी समय उनका बेटा लापता हुआ था, इसका पता न चलने पर उन्होंन गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई थी।
जांच के दौरान पुलिस को नजर आया एंगल
बलरामपुर एसपी ने बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बच्चे की तलाश की जा रही थी। जांच के दौरान पता चला कि लापता बच्चे का दादा अपने साथी झल्लू के साथ बच्चे की तलाश में राजू कोरवा के पास पहुंचा। राजू कोरवा ने उन्हें बताया कि बड़ा पूजा (नरबलि की प्रथा) करनी होगी, तभी बच्चा मिलेगा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने राजू कोरवा से पूछताछ की तो उसने बताया कि नशे की हालत में उसने ऐसा कहा था। पुलिस ने राजू कोरवा के पीछे मुखबिर लगा दिए थे। इसी बीच कुछ सुराग मिलने पर पुलिस ने राजू कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ।
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बेटे को ठीक करने की चाहत में दी गई बलि
पूछताछ के दौरान राजू कोरवा ने अजय नगेसिया की बलि देने की जानकारी दी। राजू कोरवा ने बताया कि उसका बड़ा बेटा बचपन से ही मानसिक रूप से कमजोर है और उसे मिर्गी का दौरा पड़ता है। किसी ने उसे बताया था कि महादानी देवता को बच्चे की बलि देने से वह ठीक हो जाएगा। अंधविश्वास के कारण, इसी विचार ने उसे राक्षस बना दिया। 1 अप्रैल 2024 को राजू कोरवा इल्बासा के जंगल में गया, जहाँ उसे अजय नगेसिया अकेला घूमता हुआ मिला। राजू कोरवा उसे मिठाई और बिस्कुट का लालच देकर अपने घर कटाईडीह ले आया। उसने घर पर महादानी देवता की पूजा की और अजय नगेसिया का गला काटकर उसकी बलि दे दी।
कब्र खोदकर अवशेष बरामद किए
राजू कोरवा ने बच्चे के सिर को घर में सुरक्षित रख लिया। उसने गाँव के बाहर नाले के पास गड्ढा खोदकर धड़ को दफना दिया। जब बच्चे की तलाश शुरू हुई, तो उसने बच्चे के सिर को नाले के पास एक गड्ढे में दफना दिया। एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने सामरी तहसीलदार की मौजूदगी में नाले के किनारे आरोपी द्वारा बताई गई जगह की खुदाई करवाई। बच्चे के सिर की हड्डियाँ लगभग दो फीट गहरे गड्ढे में दबी हुई मिलीं। जहाँ धड़ दफनाया गया था, वहाँ से कुछ दूरी पर हड्डियाँ भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे का चाकू भी बरामद कर लिया है।
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आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
पुलिस ने आरोपी राजू कोरवा (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ धारा 363, 302, 201 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में सामरी थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह की टीम शामिल थी।
