4.9 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी का मामला, CBI की विशेष अदालत ने 7 आरोपियों को सुनाई सजा
Bank Fraud Case: सीबीआई की हैदराबाद विशेष अदालत ने 4.9 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में 7 आरोपियों को दोषी ठहराया। बैंक प्रबंधक टी. चंद्रकांत को 2 साल की सजा, जबकि अन्य 6 को 1 साल की सजा सुनाई गई है।
- Written By: पूजा सिंह
फाइल फोटो
4.9 Crore Bank Fraud Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हैदराबाद स्थित विशेष अदालत ने 4.9 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने कॉर्पोरेशन बैंक, बंजारा हिल्स शाखा, हैदराबाद के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक टी. चंद्रकांत को दो साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपए के जुर्माने की सजा दी है।
इसके अलावा, छह अन्य कर्जदारों, वीएनएससी बोस, वी. राजनश्री, कोंडा शेखर रेड्डी, एनवीपी नंद किशोर और एच राजा शेखर रेड्डी को अदालत ने एक साल के कठोर कारावास (आरआई) और कुल 55,000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।
CBI ने 29 सितंबर 2004 को दर्ज किया था मामला
सीबीआई ने 29 सितंबर 2004 को यह मामला दर्ज किया था। आरोप था कि तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक टी. चंद्रकांत और अन्य व्यक्तियों ने झूठे और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 4.9 करोड़ रुपए के आवास ऋण की मंजूरी और वितरण करवाया, जिससे कॉर्पोरेशन बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
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2007 में 11 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
सीबीआई ने जांच के बाद 30 मार्च 2007 को टी. चंद्रकांत और अन्य 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर किया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत में सबूतों के माध्यम से यह साबित किया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर बैंक को धोखा दिया।
कोर्ट ने 7 आरोपियों को सुनाई सजा
लंबे चले मुकदमे के बाद विशेष न्यायाधीश ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बैंक अधिकारियों और लाभार्थियों द्वारा की गई ऐसी धोखाधड़ी वित्तीय संस्थानों की साख को कमजोर करती है और आम जनता के विश्वास को नुकसान पहुंचाती है।
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वहीं, इससे पहले सीबीआई ने 23 अक्टूबर को केरल के दो कथित जालसाजों और दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ ऑटोमोबाइल डीलरशिप देने की आड़ में एक महिला निवेशक को धोखा देने का केस दर्ज किया था। केरल उच्च न्यायालय के निर्देश पर, सीबीआई की विशेष अपराध शाखा, तिरुवनंतपुरम की मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिव्या सारा थॉमस की देखरेख में बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। यह शिकायत अलप्पुझा के चेंगन्नूर स्थित करक्कड़ गांव की निवासी, शिकायतकर्ता ज्योल्सना बीनू ने दर्ज की थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
