Nagpur News: खौफ के वो 3 दिन… बुजुर्ग महिला को दिखाया CBI जांच का डर, डिजिटल अरेस्ट कर उड़ा लिए 29 लाख रुपए
बैंक में वित्तीय अनियमितताओं के लिए आपकी जांच की जानी है, ऐसे ही डर के मारे एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल तरीके से गिरफ्तार कर 3 दिन तक अपने ही घर में बंद रखा गया। रिहाई के लिए ऑनलाइन 29 लाख रुपए ठगने की वारदात सामने आई।
- Written By: आंचल लोखंडे
डिजिटल अरेस्ट' कर 29 लाख की ठगी। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: बैंक में वित्तीय अनियमितताओं के लिए आपकी जांच की जानी है, ऐसे ही डर के मारे एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल तरीके से गिरफ्तार कर 3 दिन तक अपने ही घर में बंद रखा गया। रिहाई के लिए ऑनलाइन 29 लाख रुपए ठगने की सनसनीखेज वारदात लक्ष्मी नगर में सामने आई। साइबर पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीनगर इलाके में रहने वाली 61 वर्षीय पीड़िता एक साल पहले ही सेवानिवृत्त हुई थी। वह अकेली रहती हैं क्योंकि उनका बेटा विदेश में है। सेवानिवृत्ति का पैसा उनके बैंक खाते में था। इसी बीच 8 फरवरी को पीड़िता के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि वित्तीय लेनदेन में आपकी समस्या है।
कर दिया गया ‘डिजिटल नजरबंद’
इस संदर्भ में सीबीआई अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे, ऐसी बात करके फर्जी अधिकारी ने फोन काट दिया। अगले ही पल उन्हें वीडियो कॉल आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह सीबीआई अधिकारी है। वीडियो में आरोपी ने पुलिस कार्यालय और पुलिस अधिकारियों का पूरा माहौल दिखाया। इसके बाद पीड़िता डर गई। पूछताछ की आड़ में पीड़िता को घर पर ही डिजिटल नजरबंद कर दिया गया। वह तीन दिन तक, सुबह 8 से 10 बजे तक घर पर ही रही। इस बीच, साइबर अपराधी ने उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी।
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ऑनलाइन गिरफ्तारी वारंट का दिखाया भय
ऑनलाइन गिरफ्तारी वारंट भी भेजा। साथ ही, अगर आप इस मामले में किसी से मदद मांगेंगे तो आपको तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा, ऐसा डर उन्हें दिखाया। साइबर अपराधी ने पीड़िता से इस मामले से बाहर निकलने के लिए पैसे की मांग की। 3 दिन में उनसे विभिन्न खातों में चरणबद्ध तरीके से 29 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
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साइबर पुलिस के सामने चुनौती
गिरफ्तारी के डर से उन्होंने पूरी रकम साइबर अपराधियों द्वारा बताए गए खातों में स्थानांतरित कर दी। इसके बाद ही उन्हें रिहा किया गया। इस बीच, लड़के से बातचीत करने पर उसे अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। घटना की सूचना तुरंत बजाजनगर पुलिस थाने में दी और इसके बाद सूचना साइबर पुलिस को मिली। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
इस बीच पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने सूचना दी कि अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें जो ज्यादा मुनाफा रिटर्न का वादा करते हैं। किसी भी अज्ञात यूपीआई आईडी पर पैसा ट्रांसफर करने से पहले उचित सत्यापन करें।
यदि आप इस तरह की किसी धोखाधड़ी का सामना करते हैं, तो तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत दर्ज करें। जागरूक नागरिक बनें, साइबर अपराधियों से सुरक्षित रहें। किसी भी ऑनलाइन घोटाले में न फंसें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
