

संस्कृति विभाग द्वारा जारी नई ग्रेडेशन सूची सवालों के घेरे में।
B में सर्वाधिक 263 कलाकार शामिल।
सहायक कलाकारों के मानदेय में भी अंतर।
लोकप्रियता के आधार पर पूर्व ग्रेड से अपग्रेड किया।
Chhattisgarh Sanskriti Vibhag B Grade Artists: छत्तीसगढ़ में कलाकारों को सम्मान और प्रोत्साहन देने के लिए संस्कृति विभाग द्वारा जारी नई ग्रेडेशन सूची अब सवालों के घेरे में है। विभाग के दस्तावेजों का अध्ययन करने पर ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिनसे कलाकारों के मूल्यांकन की कसौटी और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग ने B ग्रेड को नवोदित कलाकारों की श्रेणी बताया है, लेकिन इसी सूची में 36, 30 और 25 साल का अनुभव रखने वाले कलाकार भी B ग्रेड में दर्ज हैं।
संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के द्वारा 3 सितंबर को जारी पत्र क्रमांक 876/सं.रा./26 के तहत वर्ष 2022-23 एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की संयुक्त ग्रेडेशन सूची जारी की गई है। इस 32 पृष्ठों के दस्तावेज में कुल 712 कलाकारों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार A++ में 15, A+ में 49, A1 में 16, A में 147, B+ में 222 और B में सर्वाधिक 263 कलाकार शामिल हैं।
पड़ताल में सूची के अंतिम पृष्ठों पर कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनके अनुभव और निर्धारित ग्रेड के बीच सवाल खड़े होते हैं। क्रमांक 683 पर अर्जुन सेन का अनुभव 36 वर्ष दर्ज है, लेकिन ग्रेड B है। क्रमांक 701 पर ललित यादव का अनुभव 30 वर्ष, क्रमांक 710 पर लेखराम धृतलहरे का 25 वर्ष और क्रमांक 712 पर लेखन दास मानिकपुरी का 11 वर्ष दर्ज है। इन सभी को B श्रेणी में रखा गया है।
विभाग के इसी दस्तावेज में B ग्रेड को नवोदित कलाकारों की श्रेणी बताया गया है। ऐसे में सवाल है कि दशकों का अनुभव रखने वाले कलाकारों को नवोदित श्रेणी में रखने का आधार क्या है? क्या अनुभव के अलावा कोई अन्य मूल्यांकन मानदंड प्रभावी रहा?
दस्तावेज के अंतिम पृष्ठ पर विभाग ने स्पष्ट किया है कि कलाकारों के उपलब्ध दस्तावेजों, उम्र, वरिष्ठता, कला क्षेत्र में दीर्घकालीन कार्य और लोकप्रियता के आधार पर पूर्व ग्रेड से अपग्रेड किया गया है। लेकिन सूची में इन मानकों का अलग-अलग मूल्यांकन, अंकतालिका और प्रत्येक कलाकार को ग्रेड देने का विस्तृत कारण दिखाई नहीं देता।
मामले का आर्थिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। विभागीय चार्ट के अनुसार A ग्रेड में दल प्रमुख का मानदेय 31 हजार रुपये, जबकि B ग्रेड में 11 हजार रुपये निर्धारित है। यानी दोनों श्रेणियों के बीच 20 हजार रुपये का अंतर है। सहायक कलाकारों के मानदेय में भी अंतर है। अब सवाल सिर्फ ग्रेडेशन का नहीं बल्कि सरकारी चयन प्रक्रिया की जवाबदेही का है।
क्या चयन समिति ने सभी कलाकारों की उपलब्धियों का समान रूप से मूल्यांकन किया? राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणपत्रों और बाहरी प्रस्तुतियों को कितना महत्व दिया गया? क्या समिति की बैठक की कार्यवाही और मूल्यांकन अंकतालिका सार्वजनिक की जाएगी? संस्कृति विभाग को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। आखिर 36 साल अनुभव रखने वाला कलाकार नवोदित कैसे हो गया और ग्रेडेशन की वास्तविक कसौटी क्या रही?