गरियाबंद ऑर्केस्ट्रा कांड, फोटो- सोशल मीडिया
Chhattisgarh Orchestra Scandal: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के उरमाल में मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता परोसने का मामला सामने आया है। ओपेरा कार्यक्रम में नर्तकियों के अश्लील प्रदर्शन के दौरान कानून के रक्षकों की कथित मौजूदगी और अमर्यादित आचरण ने प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ओपेरा कार्यक्रम के दौरान अश्लीलता और प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने मैनपुर SDM तुलसी दास मरकाम को उनके पद से हटा दिया है। उनके खिलाफ एक जांच कमेटी भी गठित की गई है। गरियाबंद के एसपी वेदव्रत सिरमौर्य ने कार्यक्रम के दौरान अमर्यादित व्यवहार करने वाले तीन पुलिसकर्मियों- प्रधान आरक्षक डिलोचन रावटे, आरक्षक शुभम चौहान और आरक्षक जय कंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि ये पुलिसकर्मी मंच पर नर्तकियों के साथ आपत्तिजनक हरकतें और ‘किस’ (KISS) ले रहे थे।
यह विवादित आयोजन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के उरमाल में युवा समिति द्वारा आयोजित 6 दिवसीय ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम था। इसके लिए ओडिशा के कटक स्थित ‘जय दुर्गा ओपेरा’ की डांसर्स को बुलाया गया था, जिनकी फीस 60 हजार रुपये प्रतिदिन थी। कार्यक्रम के लिए 200 से 400 रुपये तक के एंट्री टिकट बेचे गए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि डांसर्स मंच पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रही थीं। शर्मनाक बात यह रही कि कार्यक्रम की अनुमति देने वाले SDM खुद वहां विशेष सीट पर मौजूद थे और कथित तौर पर पैसे लुटा रहे थे।
यह भी पढ़ें: बंगाल में 25 साल बाद लौटा खौफनाक ‘निपाह’, 75% तक डेथ रेट और कोई इलाज नहीं! केंद्र ने भेजी टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।, गिरफ्तार आरोपियों में देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन और नरेंद्र साहू सहित कई अन्य शामिल हैं। इसके अलावा, बाल संरक्षण आयोग ने भी इस मामले में दखल दिया है। आयोग ने कार्यक्रम में नाबालिगों और बच्चों की मौजूदगी की जांच करने के निर्देश दिए हैं और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है। स्थानीय स्तर पर एक युवक द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने शुरू में आरोपियों को मुचलके पर छोड़ दिया था, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद उच्चाधिकारियों ने सख्त एक्शन लिया।