क्या है एसएससी भर्ती का नया नियम फिक्स-फ्लोट? लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा असर, यहां समझें सबकुछ

SSC New Rule: एसएससी भर्ती परीक्षाओं में 30 से 50 लाख आवेदन करते हैं। लेकिन 20 से 30 प्रतिशत उम्मीदवार चुने जाने के बाद भी ज्वॉइन नहीं करते। इससे सीट खाली रह जाती हैं।
What is the new SSC recruitment rule, Fix-Float? It will affect millions of candidates. Understand everything here.
सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media)
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What is SSC Fix-Float New Rule: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने 2026 से भर्ती प्रक्रिया में ‘फिक्स’ और ‘फ्लोट’ विकल्प के साथ एक नया स्लाइडिंग मैकेनिज्म लागू करने का फैसला किया है। इस नए नियम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और खाली पदों की संख्या कम करना है। इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

क्या है SSC का फिक्स-फ्लोट नियम?

यूनिवर्सिटी काउंसलिंग की तरह अब SSC भर्ती प्रक्रिया में भी फिक्स और फ्लोट विकल्प दिया जाएगा। जहां विश्वविद्यालयों में कई राउंड की काउंसलिंग होती है, वहीं SSC के इस नए सिस्टम में सीमित राउंड के साथ एक बार री-एलोकेशन (पुनः आवंटन) का मौका मिलेगा, ताकि प्रक्रिया लंबी न खिंचे। इस व्यवस्था से यह फायदा होगा कि अगर चयनित उम्मीदवार नौकरी जॉइन नहीं करता, तो उस खाली पद को किसी दूसरे इच्छुक उम्मीदवार को दिया जा सकेगा। SSC के चेयरमैन एस. गोपालाकृष्णन के मुताबिक आयोग का लक्ष्य है कि परीक्षा के आधार पर 90 से 95 प्रतिशत तक पदों को भरा जा सके। इसके लिए पहले चयनित उम्मीदवारों की एक टेंटेटिव लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों से पूछा जाएगा कि उन्हें दिए गए पद और स्थान का ऑफर स्वीकार है या नहीं। इसी दौरान उन्हें फिक्स या फ्लोट विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर बाद में फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।

यह नियम क्यों लागू किया गया?

इस नियम का मुख्य उद्देश्य भर्ती के बाद खाली रह जाने वाले पदों की संख्या कम करना और उम्मीदवारों को उनकी मेरिट और पसंद के अनुसार पद चुनने का अवसर देना है। अक्सर देखा जाता है कि चयनित होने के बाद भी कई उम्मीदवार जॉइन नहीं करते, जिससे पद खाली रह जाते हैं। SSC के बड़े एग्जाम जैसे कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) में हर साल 30 से 50 लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं, लेकिन इनमें से करीब 20 से 30 प्रतिशत उम्मीदवार चयन के बाद भी जॉइन नहीं करते।

स्लाइडिंग राउंड कैसे होगा?

पहले राउंड के बाद यदि कुछ पद खाली रहते हैं, तो एक स्लाइडिंग राउंड आयोजित किया जाएगा। इसमें फ्लोट विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को उनकी मेरिट और प्राथमिकता के आधार पर बेहतर या उच्च पद मिलने का मौका मिल सकता है।

इसके बाद संशोधित अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं फिक्स विकल्प चुनने वाले उम्मीदवार अगर नौकरी जॉइन नहीं करते हैं, तो वह मौका अगले भर्ती चक्र में चला जाएगा।

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