शिक्षा प्रणाली में रिसर्च को दिया जाना चाहिए बढ़ावा, सिम्बायोसिस के 21वें दीक्षांत समारोह में बोली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षा प्रणाली में शोध को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत में शोधार्थी न केवल देश, बल्कि दुनिया के समक्ष मौजूद समस्याओं का समाधान ढूंढने में भी सक्षम हैं।
- Written By: किर्तेश ढोबले
सिम्बायोसिस के 21वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (फोटो-एक्स)
पुणे: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षा प्रणाली में शोध को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत में शोधार्थी न केवल देश, बल्कि दुनिया के समक्ष मौजूद समस्याओं का समाधान ढूंढने में भी सक्षम हैं। मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 शोध को बढ़ावा देती है।
राष्ट्रपति ने यहां ‘सिम्बायोसिस इंटरनेशनल’ (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के 21वें दीक्षांत समारोह में कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि युवा पीढ़ी देश के विकास के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। देश के लोगों में बहुत प्रतिभा और कौशल है। मैं चाहती हूं कि आप समाज की आवश्यकताओं को समझें और अपने ज्ञान का उपयोग करके ऐसे समाधान खोजें जो आम जनता, खासकर हाशिए पर रह रहे लोगों के विकास में मदद कर सकें और इससे स्थिरता को बढ़ावा मिल सके।”
यह भी पढ़ें:- 27 सितंबर से शुरू होगा दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव, इस दिन से शुरू होंगे नामांकन
सम्बंधित ख़बरें
दुलकर सलमान की PM मोदी से खास मुलाकात, एक्टर ने कहा- ‘मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं’
मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने किया मंजूर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 दिवसीय MP दौरा प्रस्तावित, बैतूल से कूनो तक कई अहम कार्यक्रमों में होंगी शामिल
राष्ट्रपति ने तोड़ा प्रोटोकॉल, अधिकारी ने छुए पैर, अयोध्या के लाल की शहादत की कहानी सुन रो पड़ा देश- VIDEO
उन्होंने कहा कि ‘स्टार्ट-अप इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’ और ‘स्टैंड-अप इंडिया’ जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां सभी से कहना चाहूंगी कि शिक्षा प्रणाली में शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। भारत के शोधार्थी न केवल देश के भीतर बल्कि दुनिया की समस्याओं का समाधान खोजने में सक्षम हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शोध को बढ़ावा दिया गया है।”
