
स्कूल में अखबार पढ़ते छात्र (सौ. एआई)
Newspaper in School: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई का अंदाज बदलने वाला है। राज्य सरकार ने छात्रों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उन्हें देश व दुनिया की खबरों से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राजस्थान के स्कूलों में सुबह प्रार्थना सभा में छात्र को अनिवार्य रुप से अखबार पढ़ना होगा।
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में अब छात्रों के लिए अखबार पढ़ना अनिवार्य होगा। मॉर्निंग असेंबली के दौरान कम से कम 10 मिनट का समय केवल समाचार पत्रों के पढ़ने के लिए निर्धारित किया गया है। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों की शब्दावली में सुधार करना, करंट अफेयर्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनमें खबरों के विश्लेषण की क्षमता विकसित करना है।
निर्देश के अनुसार राज्य के सभी सीनियर सेकेंडरी और इंग्लिश मीडियम स्कूलों को कम से कम दो अखबार हिंदी और अंग्रेजी सब्सक्राइब करना होगा। वहीं अपर प्राइमरी स्कूलों के लिए कम से कम दो हिंदी अखबार पढ़ना जरूरी होगा। अखबारों के सब्सक्रिप्शन का पूरा खर्च राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा वहन किया जाएगा जिससे स्कूलों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
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इस प्रोग्राम को बेहद रचनात्मक तरीके से डिजाइन किया गया है। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन अखबारों से 5 नए शब्द खोजें और छात्रों को उनके अर्थ समझाएं। इससे छात्रों का भाषा कौशल मजबूत होगा। प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खबरों के साथ-साथ संपादकीय और खेल जगत की खबरों को जोर से पढ़ा जाएगा और उन पर चर्चा की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह कदम छात्रों का भविष्य मजबूत करने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मानसिक रुप से तैयार करेगा। नियमित अखबार पढ़ने से छात्रों में सामाजिक मुद्दों के प्रति समझ बढ़ेगी। बता दें कि राजस्थान से पहले उत्तर प्रदेश सरकार भी अपने स्कूलों में इसी तरह का नियम लागू कर चुकी है। राजस्थान में इस बदलाव से लाखों छात्र अब हर सुबह दुनिया की हलचलों से वाकिफ रहेंगे।






