NCERT की बड़ी चेतावनी: सोशल मीडिया से डाउनलोड की गई किताबें हो सकती हैं फर्जी, छात्रों को किया सतर्क
NCERT Warning : NCERT ने सोशल मीडिया और वेबसाइटों पर प्रसारित हो रही फर्जी किताबों को लेकर चेतावनी जारी की। छात्रों और शिक्षकों से केवल आधिकारिक स्रोतों से ही किताबें डाउनलोड या खरीदने की अपील।
- Written By: हितेश तिवारी
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (फोटो - गूगल इमेज)
NCERT Fake Books : अगर आप NCERT की नई किताबों का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें सोशल मीडिया, वेबसाइट या किसी मैसेजिंग ग्रुप से डाउनलोड कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने फर्जी और पायरेटेड किताबों को लेकर चेतावनी जारी की है।
परिषद ने बताया कि उसकी कई पुस्तकों की अनधिकृत और नकली प्रतियां इंटरनेट पर प्रसारित की जा रही हैं, जो छात्रों को गुमराह कर सकती हैं। हाल ही में कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की एक किताब का फर्जी संस्करण सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है।
NCERT का कहना है कि इस किताब का उसके आधिकारिक प्रकाशन से कोई संबंध नहीं है, बावजूद इसके कुछ वेबसाइटें और प्लेटफॉर्म इसे असली NCERT पुस्तक बताकर साझा कर रहे हैं।
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𝐁𝐞𝐰𝐚𝐫𝐞 𝐨𝐟 𝐅𝐚𝐤𝐞 𝐚𝐧𝐝 𝐏𝐢𝐫𝐚𝐭𝐞𝐝 𝐍𝐂𝐄𝐑𝐓 𝐓𝐞𝐱𝐭𝐛𝐨𝐨𝐤𝐬 NCERT has noticed the circulation of unauthorized and pirated copies of its textbooks in print and digital formats. A fake version of the 𝐂𝐥𝐚𝐬𝐬 𝐈𝐗 𝐒𝐨𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐒𝐜𝐢𝐞𝐧𝐜𝐞 𝐏𝐚𝐫𝐭 𝟏… pic.twitter.com/Ep3FfOmO8M — NCERT (@ncert) June 24, 2026
NCERT की चेतावनी फर्जी किताबों से सावधान
NCERT ने स्पष्ट किया है कि उसकी सभी किताबें केवल आधिकारिक माध्यमों से प्रकाशित और जारी की जाती हैं। किसी भी पुस्तक को आधिकारिक लॉन्च से पहले सार्वजनिक रूप से साझा करने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में सोशल मीडिया या अन्य अनधिकृत स्रोतों पर उपलब्ध सामग्री अधूरी, गलत, छेड़छाड़ की गई या पूरी तरह फर्जी हो सकती है।
परिषद ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही किताबें प्राप्त करें। डिजिटल पुस्तकें NCERT की वेबसाइट और ई-पाठशाला पोर्टल पर मुफ्त उपलब्ध हैं, जबकि मुद्रित प्रतियां अधिकृत विक्रेताओं से खरीदी जा सकती हैं। NCERT ने यह भी कहा कि अनधिकृत सामग्री पर भरोसा करने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है और परीक्षा की तैयारी में नुकसान हो सकता है।
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आधिकारिक स्रोतों से ही किताबें खरीदने की अपील
परिषद ने पायरेसी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि उसकी कॉपीराइट सामग्री की बिना अनुमति छपाई, पुनर्प्रकाशन, वितरण या डिजिटल शेयरिंग कानूनन अपराध है। यह कॉपीराइट एक्ट 1957 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत दंडनीय है। NCERT ने बताया कि फर्जी किताबों और पायरेसी में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
इसी बीच कक्षा 6 की कन्नड़ पाठ्यपुस्तक ‘कृष्णा’ को लेकर भी विवाद सामने आया है। कुछ संगठनों ने किताब पर धार्मिक संदर्भों और शाकाहार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, हालांकि NCERT ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुस्तक का नाम कर्नाटक की कृष्णा नदी पर आधारित है और इसमें केवल संतुलित आहार की जानकारी दी गई है।
