बच्चों को गलत बातें सिखाने की कोशिश’; NCERT की किताब में ‘इमरजेंसी’ का इतिहास जुड़ने पर भड़के विजय वडेट्टीवार
NCERT Class 9 Textbook Emergency Controversy: एनसीईआरटी की नौवीं कक्षा की किताब में 1975 के आपातकाल का इतिहास शामिल किए जाने पर महाराष्ट्र कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति।
- Written By: अनिल सिंह
NCERT के सिलेबस में इमरजेंसी के इतिहास पर Vijay Wadettiwar का तीखा हमला (फोटो क्रेडिट-X)
Vijay Wadettiwar On Emergency in NCERT Book: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में किए गए एक बड़े बदलाव को लेकर देश में एक बार फिर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। एनसीईआरटी ने पहली बार कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में साल 1975-77 के बीच देश में लगाए गए आपातकाल पर एक विशेष सेक्शन शामिल किया है। इस नए पाठ्यक्रम में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सामने आई “सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक” के रूप में रेखांकित किया गया है।
इस नए बदलाव पर विपक्षी दल कांग्रेस ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने बीजेपी सरकार पर शिक्षा के राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके जरिए नई पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
सिलेबस में मौलिक अधिकारों के निलंबन, प्रेस सेंसरशिप और जेपी आंदोलन का जिक्र
एनसीईआरटी की कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की इस नई किताब में 1975 के आपातकाल के स्याह पन्नों को विस्तार से जगह दी गई है। इसमें आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों के निलंबन, मीडिया पर थोपी गई सख्त प्रेस सेंसरशिप और इसके खिलाफ खड़े हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण के ऐतिहासिक जन-आंदोलन का विशेष उल्लेख किया गया है। कांग्रेस इस बात से नाराज है कि इस कदम का उद्देश्य युवा छात्रों के मन में कांग्रेस पार्टी की छवि को धूमिल करना है, जबकि कर्नाटक जैसे अन्य राज्यों में भी एनसीईआरटी की नई कन्नड़ किताबों पर ‘शाकाहार को बढ़ावा देने’ और ‘भगवाकरण’ जैसे गंभीर आरोप संगठन उठा रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में धर्मांतरण और महिला उत्पीड़न मामलों की जांच के लिए बनेगी विशेष समिति, कानूनों की होगी समीक्षा
हिमांशु राय लिगेसी अवार्ड 2026: राष्ट्रीय सुरक्षा, चिकित्सा और संगीत क्षेत्र की हस्तियां सम्मानित
महाराष्ट्र में CT स्कैन और MRI जांच हुई सस्ती, PPP मॉडल लागू, पात्र मरीजों को मुफ्त सुविधा मिलेगी
‘अगर दोबारा दिखे तो जान से मार दूंगा…’; पाला बदलने के बाद पत्रकारों पर बुरी तरह भड़के सांसद संजय दीना पाटिल
ये भी पढ़ें- ‘अगर दोबारा दिखे तो जान से मार दूंगा…’; पाला बदलने के बाद पत्रकारों पर बुरी तरह भड़के सांसद संजय दीना पाटिल
इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है बीजेपी सरकार
एनसीईआरटी के इस कदम पर मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह से इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने, गलत बातें और अफवाहें फैलाने की साजिश है। बच्चों को स्कूल में ही गलत बातें सिखाने की कोशिश की जा रही है। साल 1975 में देश में जो आंतरिक और बाहरी परिस्थितियां थीं, उनके मद्देनजर तत्कालीन सरकार द्वारा आपातकाल की आधिकारिक और संवैधानिक घोषणा की गई थी। इसे किसी गुप्त एजेंडे के तहत जबरन लागू नहीं किया गया था, जैसा कि आज किताबों में दिखाने की कोशिश हो रही है।”
“आज देश में अघोषित आपातकाल, लेकिन बच्चे एआई (AI) से करेंगे फैक्ट चेक”
केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए वडेट्टीवार ने कहा, “हमारे हिसाब से असली और खतरनाक आपातकाल तो आज देश में चल रहा है, जो पूरी तरह से ‘अघोषित आपातकाल’ है। आज की स्थिति यह है कि कोई भी नागरिक या विपक्ष सरकार की नीतियों के खिलाफ खुलकर बोल या लिख नहीं सकता है। सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए नई पीढ़ी को भ्रमित कर रही है।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज के बच्चे बहुत होशियार और जागरूक हैं। उनके पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल जानकारी के कई अन्य स्वतंत्र स्रोत मौजूद हैं। वे किताबों में परोसी जा रही इन बातों को बिना सोचे-समझे स्वीकार नहीं करेंगे, बल्कि खुद इंटरनेट पर जाकर सभी ऐतिहासिक तथ्यों की जांच-पड़ताल करेंगे।
