लार्सन एंड टुब्रो में 45,000 श्रमिकों, इंजीनियरों की कमी, नए स्किल्ड मजदूरों की जरूरत, क्या होंगी नई भर्ती

लार्सन एंड टुब्रो समूह इस समय 45,000 श्रमिकों, इंजीनियरों की कमी का सामना कर रहा है। इस पर अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस-एन सुब्रमणियन ने देश में स्किल्ड मैनपावर की कमी पर जताई चिंता, कहा- ''25-30 हजार नए स्किल्ड मजदूरों की जरूरत है। ''
Jobs, Larsen & Toubro (L&T)
(डिज़ाइन फोटो)
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नई दिल्ली: विविध क्षेत्रों में कार्यरत लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) समूह इस समय 45,000 श्रमिकों, इंजीनियरों की कमी का सामना कर रहा है। समूह के चेयरमैन एस एन सुब्रमण्यम ने बुधवार को यह बात कही। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रमुख इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण कारोबार 25,000-30,000 श्रमिकों की कमी से जूझ रहा है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-सक्षम सेवा कारोबार 20,000 इंजीनियरों की कमी का सामना कर रहा है।

एलएंडटी के मानद चेयरमैन ए एम नाइक ने कहा कि अधिक आय की संभावना के कारण भारतीय, रोजगार के अवसरों की तलाश में रूस-यूक्रेन जैसे युद्ध-प्रभावित देशों या इजराइल की ओर जा रहे हैं। यह पहली बार नहीं है कि कंपनी ने कार्यबल से जुड़ी चुनौतियों के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है। पिछले साल भी सुब्रमण्यन ने कहा था कि 30,000 से ज्यादा श्रमिकों को काम पर रखने के बावजूद कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुब्रमण्यम ने श्रमिकों की कमी के लिए कुछ मुद्दों को जिम्मेदार ठहराया। इनमें उपलब्धता की कमी वाले कुछ कौशल की मांग, ग्राहकों द्वारा परियोजनाओं को तेजी से निष्पादित करने का दबाव, चुनाव और मौसम में अस्थिरता आदि हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम की घटनाओं के कारण कुछ परियोजनाओं में काम के घंटों में बदलाव आया है जहां आवश्यक या महत्वपूर्ण कार्यों को छोड़कर दोपहर के समय कोई काम नहीं हो रहा है।

सुब्रमण्यम ने कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों को परियोजनाओं पर परिवहन सुविधाएं, स्वास्थ्यवर्धक पेय और भोजन उपलब्ध कराकर उनकी देखभाल भी कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास कौशल केंद्र और अन्य पहल हैं जो समस्या को कम करने में सहायक हो सकती हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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