काला घोड़ा आर्ट महोत्सव 2026: महिला बचत ग्रुप्स ने 9 दिनों में 8.54 लाख की बिक्री, बीएमसी का अनूठा मॉडल

Mumbai Kala Ghoda Art Festival: काला घोड़ा आर्ट महोत्सव 2026 में बीएमसी की पहल से 18 महिला बचत ग्रुप्स ने 9 दिनों में 8.54 लाख रुपए की बिक्री कर स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की।
Kala Ghoda Art Festival 2026: Women's savings groups earn Rs 8.54 lakh in sales in 9 days, a unique model by BMC
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Mumbai Events Women Empowerment: मुंबई की सांस्कृतिक पहचान, काला घोड़ा आर्ट महोत्सव 2026 में इस साल कला के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का एक आदर्श भी देखने को मिला। बीएमसी प्रशासन की पहल पर शामिल हुए 18 रजिस्टर्ड महिला बचत ग्रुप ने 9 दिनों में 8 लाख 54 हजार 500 रुपए का सामान बेचकर स्वरोजगार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

बीएमसी प्रशासन की तरफ से जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। बीएमसी का योजना विभाग इसके लिए लगातार कोशिश करता है।

इसके तहत महिला बचत ग्रुप को आर्थिक मदद दी जाती है। बीएमसी कई तरह के प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है, ताकि महिला बचत ग्रुप के तैयार प्रोडक्ट्स को इंटरनेशनल पहचान मिले, पब्लिसिटी मिले और साथ ही बचत ग्रुप के सदस्यों को इससे आर्थिक आमदनी भी हो सके।

31 जनवरी से 8 फरवरी तक मुंबई में हुए काला घोड़ा आर्ट महोत्सव में देश-विदेश से लाखों लोग और पर्यटक आए। इस मौके का फायदा उठाते हुए बीएमसी ने अपने इलाके में महिला बचत ग्रुप को अपने प्रोडक्ट्स दिखाने और बेचने के लिए एक अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया था।

स्वरोजगार से होगा आर्थिक सशक्तिकरण

योजना विभाग की निर्देशक प्राची जांभेकर ने बताया कि बीएमसी प्रशासन न सिर्फ महिला बचत ग्रुप को ट्रेनिंग देता है, बल्कि उन्हें सही मार्केट दिलाने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। काला घोड़ा कला महोत्सव जैसे वैश्विक मंच पर महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को मिला 8 लाख 54 हजार रुपए का स्वरोजगार उनके आर्थिक सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।

महिलाओं की मेहनत को मिली सफलता

इस पहल से महिला बचत ग्रुप को आर्थिक आमदनी, उनके प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग, नए कस्टमर्स से सीधा संपर्क और मार्केट का अनुभव प्राप्त हुआ। महोत्सव में कुल 18 महिला बचत ग्रुप ने हिस्सा लिया और आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक ठोस मिसाल कायम की।

इस साल के काला घोड़ा महोत्सव की खास बात यह है कि पहली बार इस फेस्टिवल में किसी ट्रांसजेंडर बचत ग्रुप ने हिस्सा लिया। मुंबईकरों ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर सदस्यों के बनाए हैंडीक्राफ्ट्स, घर के बने खाने-पीने की चीजों और अलग-अलग काम की चीजों को खूब पसंद किया। साथ ही सामानों की खरीदारी भी की गई।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com