Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • शुक्र, 3 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Explainer: कहीं आप भी तो नहीं हो रहे ‘करियर कैटफिशिंग’ का शिकार? जानिए एक्सपर्ट की राय

करियर कैटफिशिंग में केवल काम पर न जाने तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें अपने कौशल को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाना, झूठी पहचान बनाना, या अनुभव को गलत तरीके से प्रस्तुत करना भी शामिल हो सकता है।

  • Written By: विकास कुमार उपाध्याय
Updated On: Feb 09, 2025 | 11:33 AM

कॉन्सेप्ट फोटो

Follow Us
Follow Us:

नवभारत डिजिटल डेस्क : आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि नौकरी के इच्छुक व्यक्ति अपने नियोक्ता को बताए बिना, पहले दिन काम पर नहीं आता है। इस तरह की चीजें खासकर जेनरेशन Z और मिलेनियल्स के बीच देखी जा रही है। ऐसे में आज के इस एक्सप्लेनर में जानेंगे कि ऐसा क्यों होता है और इसे टेक्निकल टर्म में किस नाम से जानते हैं? तो इसके लिए पढ़ते जाइए इस एक्सप्लेनर को अंत तक।

आपको बता दें, अगर कोई भी नौकरी के इच्छुक व्यक्ति अपने नियोक्ता को बताए बिना, पहले दिन काम पर नहीं आता है, तो इसे टेक्निकल भाषा में करियर कैटफिशिंग (Career Catfishing) कहते हैं। करियर कैटफिशिंग एक नई प्रवृत्ति है, जिसमें नौकरी के इच्छुक व्यक्ति अपने नियोक्ता को बताए बिना, पहले दिन काम पर नहीं आते हैं। यह एक प्रकार का धोखाधड़ी है, जहां उम्मीदवार नौकरी का ऑफर स्वीकार करते हैं, लेकिन बिना किसी जानकारी के पहली बार काम पर नहीं आते। यह प्रथा खासकर जेनरेशन Z और मिलेनियल्स के बीच बढ़ी है, जो पारंपरिक कार्यस्थल नियमों को बदलने की कोशिश कर रहे हैं और अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं।

करियर कैटफिशिंग केवल काम पर न जाने तक नहीं है सीमित

बाल एवं किशोर मनोचिकित्सकों के अनुसार, करियर कैटफिशिंग में केवल काम पर न जाने तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि इसमें अपने कौशल को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाना, झूठी पहचान बनाना, या अनुभव को गलत तरीके से प्रस्तुत करना भी शामिल हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि नौकरी पाने के लिए उम्मीदवार अक्सर लंबे और प्रतिस्पर्धी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिक साख प्राप्त करने की कोशिश करते हैं, जो उन्हें सचमुच की क्षमता के बजाय दिखावे पर अधिक ध्यान देते हैं।

सम्बंधित ख़बरें

Odisha SSB Recruitment 2026: जूनियर असिस्टेंट/क्लर्क के 14 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट्स 18 अगस्त तक करें आवेदन

AIIMS Raebareli Recruitment 2026: सीनियर रेजिडेंट के 153 पदों पर भर्ती, 14 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

JC Bose University Recruitment 2026: गेस्ट फैकल्टी के 8 पदों पर भर्ती, बिना लिखित परीक्षा होगा चयन

CCRUM Recruitment 2026: यूनानी चिकित्सा संस्थान में 179 पदों पर भर्ती, 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करें

मनोचिकित्सक डॉ. पवन बरनवाल ने बताया करियर कैटफिशिंग का कारण

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो करियर कैटफिशिंग करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मनोचिकित्सक डॉ. पवन बरनवाल के अनुसार, यह न केवल असुरक्षा या धोखेबाज सिंड्रोम (Imposter Syndrome) का परिणाम हो सकता है, बल्कि यह नौकरी पाने की तीव्र इच्छा और नियोक्ता की अपेक्षाओं से मेल खाने के दबाव के कारण भी हो सकता है। कई उम्मीदवार अपने रिज्यूमे को बेहतर बनाने के लिए गलत तरीके से जानकारी प्रस्तुत करते हैं, ताकि वे नौकरी प्राप्त कर सकें। इसके अलावा, लंबे समय तक प्रतिक्रिया न मिलने, अस्पष्ट नौकरी विवरण, और पारंपरिक भर्ती मानदंडों से निराश होकर भी लोग इस रणनीति का सहारा लेते हैं।

क्या केवल जेन Z ही इस प्रथा में शामिल हैं?

हालांकि करियर कैटफिशिंग की प्रवृत्ति जेन Z और मिलेनियल्स के बीच अधिक देखने को मिलती है, लेकिन यह केवल इन दो पीढ़ियों तक सीमित नहीं है। डॉ. पवन बरनवाल, नवभारतलाइवडॉटकॉम के पत्रकार विकास कुमार उपाध्याय से इस बारे में बताते हैं कि जेन एक्स और वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी पेशेवर जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए रिज्यूमे में वृद्धि या गलत बयानी करने के दोषी हो सकते हैं। इसका मतलब है कि यह केवल एक पीढ़ी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समग्र रूप से कार्यस्थल में एक व्यापक समस्या बन चुका है।

अन्य एक्सप्लेनर या स्पेशल खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें….

करियर कैटफिशिंग के मनोवैज्ञानिक प्रभाव

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि करियर कैटफिशिंग से शॉर्ट-टर्म लाभ भले ही मिले, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभाव नकारात्मक हो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति का धोखा सामने आ जाता है, तो उसे मानसिक दबाव, चिंता, और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, नियोक्ताओं के लिए भी यह समस्या पैदा कर सकती है, क्योंकि इससे कामकाजी उत्पादकता में कमी, अधिक रिक्तियां, और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी हो सकती है।

Explainer are you also victim of career catfishing know experts opinion

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 09, 2025 | 11:29 AM

Topics:  

  • Career
  • Career Counseling
  • Navbharat Explainer

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.