CBSE ने लॉन्च किया नया सुरक्षित पोर्टल, री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
CBSE Portal : CBSE ने री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए नया सुरक्षित पोर्टल तैयार किया। IIT विशेषज्ञों की मंजूरी के बाद अब छात्रों की आंसर शीट की दोबारा जांच सुरक्षित तरीके से की जाएगी।
- Written By: हितेश तिवारी
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (फोटो - गूगल इमेज)
CBSE Re-evaluation Marks Verification Portal Launch: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बोर्ड ने आंसर शीट के री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नया डिजिटल पोर्टल तैयार किया है।
इस नए सिस्टम को लागू करने से पहले इसकी सुरक्षा जांच देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा की गई, जिसके बाद इसे उपयोग के लिए मंजूरी दे दी गई है। अब बोर्ड के पास छात्रों की कॉपियों की दोबारा जांच से जुड़ी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से संचालित करने का रास्ता साफ हो गया है।
CBSE ने IIT से प्रमाणित नया सुरक्षित पोर्टल शुरू किया
जानकारी के अनुसार, CBSE द्वारा पहले इस्तेमाल किए जा रहे पोर्टल में कुछ तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई थीं। जांच में पाया गया था कि सिस्टम में मौजूद कमजोरियों का गलत इस्तेमाल कर डेटा और रिकॉर्ड तक अनधिकृत पहुंच बनाई जा सकती थी।
सम्बंधित ख़बरें
JoSAA Counselling 2026: IIT Delhi, IIT Bombay और IIT Madras में कौन-कौन से कोर्स? जानिए पूरी लिस्ट
न फोन, न इंटरनेट: 21 जून तक आइसोलेशन में रहेंगे NEET री-एग्जाम के पेपर सेटर्स, एयरफोर्स पहुंचाएगी प्रश्नपत्र
NCC का युवाओं को बड़ा तोहफा! PM इंटर्नशिप योजना के तहत पुणे-मुंबई में लगेंगे प्लेसमेंट कैम्प, ऐसे मिलेगा मौका
10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, JSSC ने निकाली 1733 जेल वार्डर भर्ती, 19 जून तक करें आवेदन
इसी कारण बोर्ड ने पुराने पोर्टल को बंद करने का फैसला लिया और अधिक सुरक्षित विकल्प विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया। नए पोर्टल में कई अतिरिक्त सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जिससे छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी और परीक्षा रिकॉर्ड को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि पोर्टल का उपयोग पहले की तरह ही आसान रहेगा, लेकिन साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह काफी मजबूत बनाया गया है।
इस नए सिस्टम को विकसित करने में कई प्रतिष्ठित संस्थानों ने मिलकर काम किया है। इसमें डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, आईआईटी मद्रास और Indian Institute of Technology Kanpur की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विशेषज्ञों ने सिस्टम की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर किया और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाया।
ये खबर भी पढ़ें : 10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, JSSC ने निकाली 1733 जेल वार्डर भर्ती, 19 जून तक करें आवेदन
CBSE ने मूल्यांकन से जुड़ा पूरा डेटा अपने सर्वर पर ट्रांसफर किया
इसके साथ ही CBSE ने मूल्यांकन से जुड़ा पूरा डेटा अपने नियंत्रण वाले सर्वर पर ट्रांसफर कर दिया है, जिससे अब सभी रिकॉर्ड पर सीधे बोर्ड की निगरानी रहेगी और डेटा लीक जैसी आशंकाएं काफी कम हो जाएंगी।
री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 जून थी। बोर्ड के अनुसार 4 जून तक 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे। इनमें बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और अंकों के सत्यापन की मांग की है। नए पोर्टल के शुरू होने से छात्रों को अधिक भरोसेमंद, सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ मिलने की उम्मीद है।
