CBSE का बड़ा फैसला, 700 रुपये से घटाकर अब सिर्फ 100 रुपये में देख सकेंगे अपनी आंसर शीट
CBSE Revaluation : CBSE ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए आंसर शीट देखने की फीस 700 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दी है। वहीं किसी प्रश्न की दोबारा जांच के लिए अब सिर्फ 25 रुपये फीस देनी होगी।
- Written By: हितेश तिवारी
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (फोटो - गूगल इमेज)
CBSE OSM System : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने छात्रों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने घोषणा की है कि अब छात्र केवल 100 रुपये में अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी देख सकेंगे। इससे पहले छात्रों को इसके लिए 700 रुपये फीस चुकानी पड़ती थी। वहीं किसी विशेष प्रश्न की दोबारा जांच यानी रिवैल्यूएशन के लिए अब प्रति प्रश्न सिर्फ 25 रुपये फीस लगेगी।
बोर्ड का कहना है कि यह फैसला पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों की चिंताओं को कम करने के लिए लिया गया है। हाल के दिनों में कॉपी चेकिंग और नंबरिंग को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच कई सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद CBSE ने यह कदम उठाया है।
आंसर शीट देखने की फीस 700 से घटाकर 100 रुपए हुई
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह और विद्यालय शिक्षा सचिव संजय कुमार ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल बोर्ड ने डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को फिर से लागू किया है। OSM सिस्टम पहली बार साल 2014 में इस्तेमाल किया गया था और इसे कई बड़े संस्थानों जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय और मुंबई यूनिवर्सिटी समेत अन्य संस्थानों में भी अपनाया जाता है।
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अधिकारियों के मुताबिक, इस बार करीब 98 लाख 66 हजार आंसर शीट्स को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेजा गया। इसके लिए तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई थी ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। हल्की स्याही या स्कैनिंग समस्या वाली करीब 13 हजार कॉपियों को मैनुअल रीचेकिंग के लिए भेजा गया। बोर्ड का दावा है कि डिजिटल सिस्टम की वजह से नंबर जोड़ने और टोटलिंग जैसी मानवीय गलतियां लगभग खत्म हो गई हैं।
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छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी छात्र को अपने नंबरों को लेकर संदेह है, तो वह 19 मई से अपनी स्कैन कॉपी देखने, नंबर वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। बोर्ड के अनुसार, अगर दोबारा जांच में छात्र के नंबर बढ़ते हैं तो अतिरिक्त फीस वापस कर दी जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि रिवैल्यूएशन का प्रावधान पहले से मौजूद था, लेकिन अब डिजिटल सिस्टम के जरिए इसे ज्यादा आसान और पारदर्शी बना दिया गया है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि सभी परीक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। इस फैसले को छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
