फेल हुए छात्रों को मिलेगा एक और मौका, नागपुर यूनिवर्सिटी में Carry On नियम लागू
Nagpur University: नागपुर विश्वविद्यालय ने भी अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए ‘कैरी आन’ नियम लागू किया है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अकादमिक काउंसिल की शनिवार को हुई बैठक में इसे मान्यता दी गई।
- Written By: आकाश मसने
नागपुर विश्वविद्यालय (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur University Carry On Rules: करीब महीने भर से चल रहे विविध विद्यार्थी संगठनों के आंदोलन को आखिरकार सफलता मिली। अमरावती विश्वविद्यालय की तर्ज पर नागपुर विश्वविद्यालय ने भी अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए ‘कैरी आन’ नियम लागू किया है। अकादमिक काउंसिल की शनिवार को हुई बैठक में इसे मान्यता दी गई। हालांकि यह सुविधा लंबी अवधि तक नहीं रहेगी। छात्रों को इसी वर्ष बैक सब्जेक्ट क्लियर करना होगा।यूनिवर्सिटी में ‘कैरी ऑन’ की मांग को लेकर बवाल मचा था। विविध संगठनों की ओर से आंदोलन किया जा रहा था।
दरअसल विवि ने सत्र 2024-25 के लिए एटीकेटी के अनुसार मापदंड पूर्ण नहीं करने वाले छात्रों का एक वर्ष बेकार नहीं होने के मद्देनजर 29 अगस्त 2024 को एक परिपत्रक जारी कर परीक्षा के लिए अतिरिक्त अवसर दिया था लेकिन विवि ने इस वर्ष के लिए कोई भी परिपत्रक जारी नहीं किया था। इस वजह से छात्रों में कन्फ्यूजन की स्थिति निर्माण हो गई। बाद में विवि ने ही स्पष्ट किया कि इस वर्ष कैरी ऑन लागू नहीं होगा।
छात्रों का एक वर्ष बर्बाद होने की स्थिति बन गई थी। इसके खिलाफ नागपुर में अनेक संगठनों ने मोर्चा खोला। इनमें छत्रपति शिवाजी विद्यार्थी संगठन, एनएसयूआई, राष्ट्रवादी युवा सेना, ओबीसी महासंघ आदि संगठनों का समावेश रहा।
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इसी वर्ष के लिए सुविधा
छात्र संगठनों के बढ़ते विरोध के बाद उपकुलपति माधवी खोड़े चवरे ने मामले को विद्वत परिषद के समक्ष रखकर चर्चा करने का आश्वासन दिया था। शनिवार को विद्वत परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई सदस्यों ने विरोध किया जबकि समर्थन करने वाले सदस्य अधिक थे।
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बैठक में 12 सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया जबकि 7 सदस्य विरोध में रहे। इसके पश्चात विवि प्रशासन ने सत्र 2025-26 के लिए कैरी ऑन लागू करने का निर्णय लिया और इसकी घोषणा की। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह सुविधा अगले सत्र के लिए जारी नहीं रहेगी।
6 पाठ्यक्रमों को नहीं मिलेगा लाभ
कैरी ऑन योजना इंजीनियरिंग, विधि व पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए ही लागू रहेगी जबकि 6 पाठ्यक्रमों को योजना से अलग रखा गया है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अंतर्गत चलने वाले बीफार्मा, एमफार्मा व शिक्षण शाखा के बीएड, एमएड, एमपीएड आदि पाठ्यक्रम के छात्रों को सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
