BCom डिग्री में स्किल गैप से सिर्फ 55% रोजगार। (फोटो सोर्स - गूगल इमेज)
BCom Employability Report : भारत में हर साल लाखों छात्र Bachelor of Commerce (BCom) में दाखिला लेते हैं, जिससे यह देश की सबसे लोकप्रिय डिग्रियों में से एक बनी हुई है। लेकिन अब इस डिग्री की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं।
इंडिया स्किल रिपोर्ट 2025 के अनुसार, केवल करीब 55% ग्रेजुएट ही जॉब के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। इस स्थिति ने शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि BCom को “लो-रिस्क एंट्री लेकिन हाई-रिस्क एग्जिट” विकल्प माना जाने लगा है।
केयुर पुरानी और राम कुमार ककानी जैसे शिक्षाविदों का कहना है कि पारंपरिक BCom कोर्स इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से अपडेट नहीं हुआ है। इसमें थ्योरी पर ज्यादा फोकस है, जबकि प्रैक्टिकल स्किल्स और रियल-वर्ल्ड एक्सपोजर की कमी है।
आज के समय में Fintech, ई-कॉमर्स और BFSI जैसे सेक्टर तेजी से बदल रहे हैं, जहां डेटा एनालिसिस, फाइनेंशियल मॉडलिंग और डिजिटल टूल्स की मांग बढ़ रही है। लेकिन अधिकतर BCom ग्रेजुएट्स इन स्किल्स से लैस नहीं होते।
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समस्या का एक बड़ा कारण यह भी है कि BCom अब “डिफॉल्ट डिग्री” बन चुकी है, जिससे बड़ी संख्या में छात्र एक जैसे नॉलेज के साथ जॉब मार्केट में आते हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए उम्मीदवारों में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अब सिर्फ डिग्री काफी नहीं है- छात्रों को CA, CS, CMA, ACCA या डेटा एनालिटिक्स जैसे अतिरिक्त कोर्स करने पड़ते हैं।
समाधान के तौर पर एक्सपर्ट्स ने कोर्स में बड़े बदलाव की जरूरत बताई है, जैसे- इंटर्नशिप को अनिवार्य करना, इंडस्ट्री के साथ सहयोग बढ़ाना, और Advanced Excel, Power BI जैसे टूल्स को पाठ्यक्रम में शामिल करना। नई शिक्षा नीति के तहत भी अब इस दिशा में बदलाव की उम्मीद की जा रही है, ताकि BCom को भविष्य के जॉब मार्केट के अनुरूप बनाया जा सके।