

Highlight:
नौकरियों में भर्तियां अक्टूबर माह के दौरान सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ गईं।
देश के सेवा क्षेत्र में अक्टूबर में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।
महानगरों की भर्ती गतिविधियों में हैदराबाद और छोटे शहरों में गुजरात आगे रहा।
14 सेक्टर में एआई और मशीन लर्निंग नौकरियों में 25% की बढ़ोतरी हुई है।
AI Job Hiring Growth In India: देश में दफ्तरों और पेशेवर कार्यों से जुड़ी नौकरियों में भर्तियां अक्टूबर माह के दौरान सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ गईं। विनिर्माण क्षेत्र में ऐसी नौकरियों की मांग में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। भर्ती 'नौकरी इंडेक्स' अक्टूबर में बढ़कर 2,836 पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 2,480 पर था। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भर्ती गतिविधियां सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़ीं।
यह इंडेक्स रोजगार पोर्टल 'नौकरी डॉट कॉम' पर नई नौकरियों के विज्ञापनों और उसके बायोडाटा डेटाबेस में भर्ती करने वालों की खोज गतिविधियों पर आधारित है। इसमें मुफ्त नौकरी विज्ञापन भी शामिल हैं। इन्फो एज के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ हितेश ओबेरॉय ने कहा कि भर्ती में वृद्धि का कुछ हिस्सा पिछले साल त्योहारी मौसम के कारण बने कमजोर आधार का नतीजा है। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के प्रयासों से भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से जुड़े कौशल की मांग भी मजबूत बनी हुई है।
देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में अक्टूबर में चार महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। मांग में मजबूती से कारोबारी गतिविधियों और नए ऑर्डर में बढ़ोतरी हुई, जबकि लागत का दबाव कम हुआ। बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई।
कंपनियां भविष्य की संभावनाओं को लेकर सतर्कता के साथ आशावादी रहीं और उन्होंने चार महीने में सबसे कम संख्या में कर्मचारियों की भर्ती की। अंतरराष्ट्रीय बिक्री में ताजा विस्तार लगभग चार साल में सबसे तेज रहा। एचएसबीसी इंडिया पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक सितंबर के 55.2 से बढ़कर अक्टूबर में 55.8 हो गया।
यह चार महीने में वृद्धि की सबसे तेज रफ्तार को दर्शाता है। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है।
एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्राजुल भंडारी ने कहा, "भारत का सेवा पीएमआई अक्टूबर में बढ़कर 55.8 हो गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है। इस दौरान कारोबारी स्थितियों में सतर्कता के साथ सुधार हुआ। हालांकि, कुल मांग काफी मजबूत बनी रही लेकिन नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि की रफ्तार फरवरी 2023 के बाद सबसे धीमी रही..."
महानगरों की भर्ती गतिविधियों में हैदराबाद का योगदान सबसे अधिक 15 प्रतिशत रहा। इसके बाद पुणे का 14 प्रतिशत और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का 13 प्रतिशत योगदान रहा। बेंगलुरु और मुंबई में भर्ती गतिविधियां सालाना आधार पर 12-12 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि चेन्नई में 11 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कोलकाता में भर्ती गतिविधियां स्थिर रहीं।
छोटे और उभरते शहरों में गांधीनगर में भर्ती गतिविधियां सबसे अधिक 48 प्रतिशत बढ़ीं। इसके बाद सूरत में 36 प्रतिशत, रायपुर में 34 प्रतिशत, वडोदरा में 30 प्रतिशत, रांची में 29 प्रतिशत, जयपुर में 26 प्रतिशत और अहमदाबाद में 23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दफ्तर में बैठकर किए जाने वाले कार्यों से जुड़ी भर्ती गतिविधि के लिहाज से सबसे तेजी से बढ़ते सात उभरते शहरों में से चार गुजरात के हैं।
भारतीय आईटी कंपनियों में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नौकरियों में तेजी आई है, जबकि आईटी क्षेत्र की अन्य सामान्य नौकरियां कम हुई हैं। इससे पता चलता है कि कंपनियां नई तकनीक के हिसाब से खुद को बदल रही हैं।
जॉब पोर्टल 'नौकरी डॉट कॉम' की मंथली 'जॉबस्पीक' रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष जून में एआई से जुड़ी नौकरियों में 16% की बढ़ोतरी हुई है। आईटी सेक्टर की सामान्य नौकरियों में 3% की गिरावट है। भारत की आईटी इंडस्ट्री दबाव में है।
315 अरब डॉलर के इस उद्योग के दबाव में होने की मुख्य वजह वैश्विक आर्थिक मंदी व एआई के आने से ग्राहक तकनीक पर खर्च करने से पीछे हट रहे हैं।
टीसीएस ने कहा था, उम्मीद है कि आईटी कंपनियां हायरिंग धीमी कर देंगी। टीसीएस वर्कफोर्स में बराबर संख्या में एम्प्लॉई और एआई एजेंट रखने की ओर बढ़ रही है। जुलाई में फर्म ने 12,000 से अधिक नौकरियां कम कीं, मार्च 2026 को खत्म हुए वर्ष में लोगों की संख्या 23,000 से अधिक कम हो गई।
03% की गिरावट आई जून में कुल नौकरियों में।
16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई एआई से जुड़ी नौकरियों में पिछले साल के मुकाबले।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 14 सेक्टर में, एआई और मशीन लर्निंग नौकरियों में 25% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान इंश्योरेंस और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में जॉब हायरिंग में सबसे अधिक वृद्धि हुई।