

Highlights:
गुजरात के गांधीनगर में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ FIR दर्ज।
कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ पेथापुर पुलिस स्टेशन में कई धाराओं के तहत FIR।
विधायक जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ वंदे मातरम के अपमान से जुड़े मामले में जांच के आदेश।
Congress MLA Jignesh Mevani FIR: गुजरात में गांधीनगर के पेथापुर पुलिस स्टेशन में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ पुलिस को ड्यूटी करने से रोकने, दंगा करने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ दर्ज FIR के मुताबिक, 9 अक्टूबर को गांधीनगर में चुनाव प्रचार के दौरान, पुलिस पेथापुर पुलिस स्टेशन में कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ मिली शिकायत के संबंध में उनका बयान दर्ज कर रही थी। उस समय, जिग्नेश अपने समर्थकों के साथ पेथापुर पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को उनकी ड्यूटी करने से रोका।
धारा 189(2): गैर-कानूनी भीड़ का हिस्सा बनने की सजा।
धारा 190: किसी साझा मकसद के लिए संयुक्त जिम्मेदारी।
धारा 191(2): दंगा करने की सजा।
धारा 221: सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकना।
धारा 351(2): आपराधिक धमकी देने की सजा।
धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान करना।
धारा 353(1)(b): जनता के बीच डर या घबराहट पैदा करने के इरादे से अफवाहें या झूठे बयान फैलाना।
धारा 353(1)(c): किसी वर्ग या समुदाय को दूसरे वर्ग या समुदाय के खिलाफ अपराध करने के लिए उकसाने के इरादे से झूठी जानकारी फैलाना।
धारा 353(2): अलग-अलग धार्मिक, नस्लीय, भाषाई, क्षेत्रीय या जातीय समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या बुरी भावना पैदा करने या बढ़ावा देने पर सजा का प्रावधान।
FIR के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने ऐसे बयान दिए जिनसे सामाजिक अशांति फैल सकती है। इन बयानों के जरिए जनता को गुमराह करने के लिए इसे सोशल मीडिया हैंडल के जरिए ज्यादा-से-ज्यादा फैलाया गया।
यह पहली बार नहीं जब जिग्नेश भड़काऊ भाषणों के लिए चर्चा का विषय बने है। इससे पहले भी जिग्नेश काफी समय से अपने भड़काऊ बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं, फिर भी यह पहला मौका है जब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले, ऐसी खबरें आई थीं कि 'वंदे मातरम' के अपमान से जुड़ी एक घटना को लेकर कांग्रेस के एक विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्पीकर ने विशेषाधिकार समिति को जांच करने का आदेश दिया। यह मामला कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला से जुड़ा है। गुजरात विधानसभा के स्पीकर शंकर चौधरी ने विशेषाधिकार समिति को उनके खिलाफ मामले की सख्त जांच करने का निर्देश दिया था।