अग्निवीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Agniveer Recruitment Benefits India: सेना में 4 साल की सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए अब करियर के कई नए और शानदार रास्ते खुल गए हैं। केंद्र सरकार के साथ-साथ विभिन्न राज्य सरकारों ने पुलिस और अन्य विभागों में उनके लिए बंपर आरक्षण की घोषणा की है। यह फैसला अग्निवीरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अग्निवीर भर्ती से लाभ के तहत अब उन्हें आयु सीमा में छूट के साथ-साथ भर्ती की प्रक्रियाओं में विशेष राहत प्रदान की जा रही है।
दिल्ली पुलिस में पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती का रास्ता अब पहले के मुकाबले बहुत आसान और सुगम कर दिया गया है। कॉन्स्टेबल के पदों पर अब 20% सीटें केवल अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी जिससे उन्हें सरकारी नौकरी का बेहतरीन मौका मिलेगा। भर्ती की इस विशेष प्रक्रिया में उम्र सीमा में छूट के साथ-साथ अन्य कई प्रशासनिक लाभ भी सेना से आने वाले युवाओं को मिलेंगे।
सबसे खास बात यह है कि इन युवाओं को अब कठिन फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट यानी दौड़-धूप वाली परीक्षा से पूरी राहत मिलेगी। हालांकि उम्मीदवारों के लिए मेडिकल जांच और लंबाई-चौड़ाई की जरूरी नाप का मानक पहले की तरह ही अनिवार्य रूप से बना रहेगा। यह प्रावधान उन युवाओं के लिए बहुत मददगार साबित होगा जो सेना में अपना कार्यकाल पूरा करके नागरिक पुलिस सेवा में आना चाहते हैं।
केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों यानी CAPFs में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए बहुत बड़ी छूट और आरक्षण का नया प्रावधान किया है। बीएसएफ यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की कॉन्स्टेबल भर्ती में अब 50% तक सीटें अग्निवीरों के लिए सुरक्षित रखी गई हैं। यह कदम सरहदों की रक्षा करने वाले बलों में अनुभवी और अनुशासित युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके अलावा CRPF, CISF और SSB जैसे प्रमुख बलों में भी अग्निवीरों को भर्ती के दौरान 10% आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह आरक्षण उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो देश की आंतरिक सुरक्षा सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इन बलों में शामिल होने वाले पूर्व अग्निवीरों को उनके सैन्य अनुभव का अतिरिक्त लाभ भी चयन प्रक्रिया में प्राप्त होगा।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी राज्य के वीर युवाओं के लिए पुलिस भर्ती नियमों में बड़े और क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अब यूपी पुलिस, फायरमैन और पीएसी की सीधी भर्तियों में अग्निवीरों को 20% का विशेष कोटा प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार का यह फैसला प्रदेश के लाखों युवाओं को सुरक्षा बलों के प्रति आकर्षित करने और उनके भविष्य को संवारने वाला है।
सेना से अनुभव लेकर आने वाले इन युवाओं को पुलिस भर्ती के दौरान निर्धारित आयु सीमा में भी विशेष रियायत दी जाएगी। इससे राज्य के हजारों युवाओं को सेना के बाद पुलिस बल में शामिल होकर देश की सेवा करने का नया मौका मिलेगा। यूपी सरकार की इस नीति से पुलिस विभाग को अनुशासित और प्रशिक्षित जवानों की एक नई खेप तैयार मिलेगी।
हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 20% आरक्षण देने के साथ-साथ ग्रुप-C की अन्य नौकरियों में भी बड़ी राहत दी है। फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और माइनिंग गार्ड जैसे पदों पर 10% कोटा मिलेगा और आयु सीमा में 5 साल की छूट दी जाएगी। राज्य सरकार का यह बहुआयामी दृष्टिकोण युवाओं को विभिन्न विभागों में रोजगार दिलाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
इसी तरह उत्तराखंड सरकार ने भी अपने यहां पुलिस विभाग और ग्रुप-C के विभिन्न पदों पर 10% आरक्षण का प्रावधान लागू किया है। इन फैसलों से पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों के पूर्व अग्निवीरों को रोजगार के पर्याप्त और बेहतर अवसर स्थानीय स्तर पर मिलेंगे। यह कोटा सुनिश्चित करता है कि सेना से लौटने के बाद युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक नौकरी मिल सके।
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मध्यप्रदेश, राजस्थान, असम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी पुलिस भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इन राज्यों में आवेदन करते समय अग्निवीरों को न केवल आरक्षण मिलेगा बल्कि उन्हें आयु सीमा में भी लाभ प्राप्त होगा। राज्य पुलिस बल में उनकी भर्ती को सुगम बनाने के लिए चयन प्रक्रिया के नियमों को सरल और प्रभावी बनाया गया है।
सरकारी नौकरियों में अलग से कोटा होने के कारण सेना से सेवामुक्त होने वाले युवाओं के लिए करियर की नई राहें अब पहले से सुलभ हैं। यह समग्र प्रयास देश के युवाओं को अग्निपथ योजना के प्रति अधिक उत्साहित और प्रेरित करने वाला एक बड़ा सामाजिक बदलाव है। आने वाले समय में अन्य राज्य भी इसी तरह के आरक्षण मॉडल को अपनाकर अग्निवीरों को लाभ पहुंचा सकते हैं।