गैस किल्लत से देशभर में हाहाकार, क्या आज रात से बदल जाएंगे LPG के दाम? यहां देखें ताजा रेट
LPG Price Hike: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग का समय एक बार फिर बढ़ा दिया है।
- Written By: मनोज आर्या
एलपीजी सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े लोग, (सोर्स- सोशल मीडिया)
LPG Crisis Amid Iran-Israel Tension: मिडिल ईस्ट में लगातार 12 दिनों से जारी तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। हाल ही में तेल कंपनियों ने रसोई गैस सिलेंडर के कीमतें बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद देश के कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। बुधवार, (11 मार्च) को संसद में भी यह मुद्दा गरमाया रहा, जब विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ती महंगाई पर सवाल उठाए। आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एलपीजी के दाम क्यों बढ़े और क्या आगे भी बढ़ सकते हैं।
दरअसल, इस बार एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध है। ईरान के पास स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास तनाव और सप्लाई बाधित होने के कारण वैश्विक गैस और तेल की कीमतों में तेजी आ गई है। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई जाती है। जैसे ही यहां आपूर्ति प्रभावित होती है, उसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और फिर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है।
भारत में LPG गैस पर क्यों असर?
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरी करता है। देश की करीब 60% एलपीजी मांग आयात से पूरे होते हैं। इन आयातों का लगभग 80-90% हिस्सा सऊदी अरब, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मध्य-पूर्वी देशों से आता है। ऐसे में अगर इस क्षेत्र में युद्ध या तनाव बढ़ता है तो एलपीजी की कीमतों में उछाल आना लगभग तय माना जाता है। यही वजह है कि हालिया संकट का असर भारत में गैस सिलेंडर के दामों पर दिखाई देने लगा है।
सम्बंधित ख़बरें
Paytm पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द! RBI ने लिया बड़ा एक्शन, जानें आपके UPI पर क्या पड़ेगा असर
शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, आईटी शेयरों की धुलाई से निवेशक परेशान
यवतमाल-मारेगांव में गैस सिलेंडर कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 70 सिलेंडर जब्त
Gautam Adani ने मारी लंबी छलांग, 100 अरब डॉलर के पार होकर बिल गेट्स को भी पीछे छोड़ा
LPG सिलेंडर पर सरकार का रूख
हालांकि, सरकार ने लोगों को घबराने की जरूरत नहीं बताई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी और किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मंत्रालय ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई को प्राथमिकता देने की नीति अपनाई है। साथ ही गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर भी तय किया गया है।
क्या फिर बढ़ेंगे LPG सिलेंडर के दाम?
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान-इजराइल तनाव और बढ़ता है या तेल-गैस आपूर्ति में ज्यादा बाधा आती है तो आने वाले महीनों में एलपीजी के दाम पर फिर दबाव बन सकता है। फिलहाल सरकार अतिरिक्त उत्पादन और सप्लाई प्रबंधन के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है, लेकिन वैश्विक हालात पर ही आगे की कीमतों का रुख काफी हद तक निर्भर करेगा।
आज का LPG गैस सिलेंडर रेट (11 मार्च 2026)
11 मार्च 2026 को देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने कीमतों में बदलाव करती हैं और परिवहन लागत व स्थानीय टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में दरों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।
| क्रम | शहर | LPG कीमत (₹ प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर) |
|---|---|---|
| 1 | नई दिल्ली | ₹913.00 |
| 2 | मुंबई | ₹912.50 |
| 3 | कोलकाता | ₹939.00 |
| 4 | चेन्नई | ₹928.50 |
| 5 | बेंगलुरु | ₹915.50 |
| 6 | हैदराबाद | ₹965.00 |
| 7 | चंडीगढ़ | ₹922.50 |
| 8 | गुरुग्राम | ₹921.50 |
| 9 | नोएडा | ₹910.50 |
| 10 | भुवनेश्वर | ₹939.00 |
| 11 | पटना | ₹1,002.50 |
यह भी पढ़ें: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच सरकार का बड़ा फैसला, LPG सिलेंडर बुकिंग का बढ़ा समय; अब इतने दिन करना होगा इंतजार
सिलेंडर बुकिंग के समय में बदलाव
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) की बुकिंग का समय एक बार फिर बढ़ा दिया है। मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब इसे 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। ये फैसला ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग को लेकर लिया गया है।
