भारतीय नोट। इमेज-एआई
Mahatma Gandhi Photo On India Currency : भारतीय मुद्रा (करेंसी) पर मुस्कुराते हुए महात्मा गांधी की तस्वीर हमारी पहचान का हिस्सा बन चुकी है। मगर, समय-समय पर यह सवाल उठता रहता है कि क्या भविष्य में इन नोटों पर ‘बापू’ की जगह किसी और महापुरुष या प्रतीक की तस्वीर देखी जा सकती है? कानूनी और संवैधानिक नजरिए से देखें तो यह संभव तो है, लेकिन इसकी प्रक्रिया अत्यंत जटिल और लंबी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अधिनियम, 1934 की धारा 22 के तहत भारत में करेंसी नोट जारी करने का एकाधिकार केवल RBI के पास है। वैसे, नोटों के स्वरूप या डिजाइन में बदलाव का फैसला अकेले बैंक नहीं ले सकता। धारा 25 के अनुसार बैंक नोटों के डिजाइन, स्वरूप और सामग्री के संबंध में आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड द्वारा की गई सिफारिशों पर केंद्र सरकार की मंजूरी अनिवार्य है। यानी जब तक सरकार और आरबीआई का बोर्ड एकमत न हों, बदलाव मुमकिन नहीं है।
अगर कभी नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने या किसी नई तस्वीर को जोड़ने का विचार आता है तो उसकी प्रक्रिया इस प्रकार होती है। सबसे पहले आरबीआई का केंद्रीय बोर्ड सुरक्षा मानकों, छपाई की लागत और जनता की भावनाओं जैसे पहलुओं पर विचार करता है। बोर्ड की सिफारिशों को वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाता है। अक्सर ऐसी स्थितियों में विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई जाती है, जो यह तय करती है कि कौन सा प्रतीक या तस्वीर राष्ट्र की एकता और अखंडता को सबसे बेहतर तरीके से प्रदर्शित करती है।
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अधिकृत स्रोतों और ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार 1996 से पहले भारतीय नोटों पर अशोक स्तंभ जैसे विभिन्न चित्र हुआ करते थे। 1996 में रिजर्व बैंक ने ‘महात्मा गांधी सीरीज’ के नोट जारी किए, जिन्हें जालसाजी रोकना और सुरक्षा फीचर्स को मजबूत करना आसान था। बीच में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में रवींद्रनाथ टैगोर और एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीरों को लेकर अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन जून 2022 में RBI ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि करेंसी नोटों में महात्मा गांधी की तस्वीर बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार तकनीकी रूप से बदलाव संभव है। मगर, राष्ट्रपिता की तस्वीर भारतीय मुद्रा की वैश्विक और सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। इसे बदलना फिलहाल सरकार या RBI की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है।