
पूनम गुप्ता, (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: पूनम गुप्ता को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCIR) की महानिदेशक हैं। उन्हें तीन साल के लिए आरबीआई डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। वो माइकल पात्रा की जगह लेंगी। पात्रा ने इस साल जनवरी में इस पद से इस्तीफा दिया था।
पूनम गुप्ता ने स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (अमेरिका) में पढ़ाया और आईएसआई, दिल्ली विजिटिंग फैकल्टी के रूप में काम किया। वह राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान में आरबीआई चेयर प्रोफसर और आईसीआरआईईआर में प्रोफेसर भी रहीं हैं।
पूनम गुप्ता ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मैरीलैंड यूनिवर्सिटी, अमेरिका से पीएचडी किया। उनके पास IMF और वर्ल्ड बैंक में काम करने का 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह नीति आयोग व FICCI की सलाहकार समितियों में सदस्य भी रहीं हैं। पिछले साल 9 दिसंबर को रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का नया गवर्नर नियुक्त किया है।
बता दें कि पूनम गुप्ता की नियुक्ति आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की आगामी बैठक से कुछ दिन पहले हुई है, जो 7-9 अप्रैल को होने वाली है। वह माइकल डी पात्रा की जगह लेंगी, जिन्होंने जनवरी 2020 से जनवरी 2025 तक आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के रूप में कार्य किया। पात्रा केंद्रीय बैंक में मौद्रिक नीति, आर्थिक और नीति अनुसंधान और वित्तीय बाजारों के संचालन को देखते थे।
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पूनम गुप्ता प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य हैं और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की संयोजक भी हैं। वाशिंगटन डीसी में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में लगभग दो दशकों तक वरिष्ठ पदों पर काम करने के बाद वह 2021 में एनसीएईआर में शामिल हुईं। पूनम गुप्ता के नाम लगभग 50 व्यापक रूप से उद्धृत शोध पत्र और भारत और चीन पर एक संपादित पुस्तक (बैरी आइचेनग्रीन के साथ) है। उनके काम का उल्लेख इकोनॉमिस्ट, फाइनेंशियल टाइम्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल में किया गया है।






