कौन हैं बोइंग कंपनी के सीईओ? आखिर क्यों है इतनी चर्चाओं में

अहमदाबाद हादसे में जो एयरक्राफ्ट शामिल था, वो बोइंग कंपनी का 787 ड्रीमलाइनर था। इसके क्रैश होने के बाद बोइंग कंपनी के साथ ही इस कंपनी के सीईओ भी सवालों के घेरे में हैं।
अहमदाबाद हादसे में जो एयरक्राफ्ट शामिल था, वो बोइंग कंपनी का 787 ड्रीमलाइनर था। इसके क्रैश होने के बाद बोइंग कंपनी के साथ ही इस कंपनी के सीईओ भी सवालों के घेरे में हैं।
केली ऑर्टबर्ग (सौ. सोशल मीडिया )
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बोइंग दुनिया की सबसे बड़ी एयरक्राफ्ट मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों में से एक हैं। ये कंपनी हाल ही में काफी सुर्खियों में हैं। पिछले साल ही अगस्त के महीने में इस कंपनी ने अपने नए प्रेसिडेंट और सीईओ के तौर पर रॉबर्ट केली ऑर्टबर्ग को चुना था। लेकिन उनकी नियुक्ति के कुछ ही महीनों के बाद में कंपनी के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है।

हाल ही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के क्रैश होने से कंपनी के सीईओ सवालों के घेरे में हैं। आइए आपको बताते हैं कि केली ऑर्टबर्ग कौन हैं और वे यहां तक कैसे पहुंचे और बोइंग कंपनी के लिए वो क्या करते हैं। भारत में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के क्रैश ने ऑर्टबर्ग के सामने एक नया चैलेंज खड़ा कर दिया है।

अहमदाबाद में हुए इस हादसे में 241 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और इस हादसे से बोइंग की इज्जत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चलिए आपको बताते हैं कि केली ऑर्टबर्ग कौन हैं, वे बोइंग के लिए क्या करते है?

केली ने कैसे पूरा सीईओ बनने का सफर

एविएशन सेक्टर में केली ऑर्टबर्ग कोई नया नाम नहीं है। 64 साल के इस इंसान ने अपने जीवन का आधे से ज्यादा हिस्सा इंजीनियरिंग और एविएशन इंडस्ट्री में बिताया है। उन्होंने अमेरिका के अयोवा यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद, उन्होंने साल 1983 में टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स में इंजीनियर के रुप में अपने करियर की शुरूआत की। हालांकि असली पहचान उन्हें तब ही मिली, जब वे साल 1987 में रॉकवेल कॉलिन्स में प्रोग्राम मैनेजर के रुप में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने 30 साल से ज्यादा का समय बिताया और साल 2013 में कंपनी के सीईओ बन गए। आ गए अनिल अंबानी की कंपनियों के अच्छे दिन! ये 3 शेयर भर सकते हैं आपकी जेब

ऑर्टबर्ग के हाथों में है बोइंग का फ्यूचर

अहमदाबाद में हुए इस हादसे ने ऑर्टबर्ग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन वो पहले भी इससे भी मुश्किल समय से गुजर चुके हैं। पिछले 9 महीनों में उन्होंने बोइंग में कई बड़े बदलाव किए हैं। कंपनी की सप्लाई चेन और फैक्ट्रियां अब पहले से कई गुना बेहतर काम कर रही है। एयरलाइंस, जैसे एयर लीज के सीईओ जॉन प्ल्यूएर ने कहा है कि बोइंग के प्लेन अब समय पर डिलीवर हो रहे हैं। कतर एयरवेज ने हाल ही में बोइंग को रिकॉर्ड ऑर्डर दिया है, जो कंपनी के लिए पिछले 18 महीनों में सबसे बड़ा ऑर्डर था।