राधा किशन दमानी, (सोर्स-सोशल मीडिया)
Stock Market Crash: शेयर बाजार मंगलवार के दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स लाल निशान में रहें। इस गिरावट के बीच ट्रेंट का शेयर खुलते ही क्रैश (Trent Share Crash) हो गया। इस शेयर में अचानक 8% से ज्यादा की गिरावट आई और इससे सबसे बड़ा झटका दिग्गज निवेशक राधा किशन दमानी (Radha Kishan Damani Loss) को लगा और महज दो मिनट में ही उनके 162 करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
दलाल स्ट्रीट के एक्सपीरियंस्ड वैल्यू इन्वेस्टर राधाकिशन दमानी को मंगलवार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होते ही ट्रेंट का शेयर मिनटों में ही 8% से ज्यादा टूट गया। टाटा ग्रुप (Tata Group) की रिटेल यूनिट ट्रेंट के स्टॉक में मंगलवार को तगड़ी बिकवाली देखने को मिली है।
NSE के आंकड़ों पर नजर डालें, तो ट्रेंट लिमिटेड का शेयर अपने पिछले कारोबारी बंद भाव 4,417 रुपये की तुलना में खुलते तेज गिरावट लेकर 4208 रुपये पर ओपन हुआ और फिर अचानक 4060 रुपये तक फिसल गया। इसमें महज दो मिनट के कारोबार के दौरान ही 8.35% की बड़ी गिरावट आ गई। शेयर फिसलने की वजह से कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन भी गिरा। Trent Market Cap खबर लिखे जाने तक गिरकर 1.45 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
दिग्गज निवेशक और देश के सबसे बड़े अरबपतियों में शामिल राधाकिशन दमानी के पास उनकी इन्वेस्टमेंट फर्म ड्राइव ट्रेडिंग एंड रिसॉर्ट्स के माध्यम से ट्रेंट में 43,98,204 इक्विटी शेयर हैं। शेयरों का ये आंकड़ा उन्हें कंपनी में 1.24% का हिस्सेदार बनाता है। मंगलवार को शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान इस टाटा शेयर के क्रैश होने से उनकी स्टेकहोल्डिंग वैल्यू झटके में 162.65 करोड़ रुपये घट गई। महज करीब दो मिनट में ही ये 1,948.32 करोड़ रुपये से घटकर 1,785.67 करोड़ रुपये रह गई।
Trent Share में तेज गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो दिसंबर तिमाही में ग्रोथ की रफ्तार पर निवेशकों की प्रतिक्रिया के बाद ये फिसला है। हालांकि, कंपनी ने अच्छी वृद्धि दर्ज करना जारी रखा, लेकिन पिछले तीन महीनों की तुलना में सालाना रेवेन्यू ग्रोथ में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। इसके चलते कुछ निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी।
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शेयर पर दबाव इसलिए भी देखने को मिला है, क्योंकि इसका प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो काफी हाई है, जो बीती चार तिमाहियों से 50 से ऊपर बना हुआ है। ऐसे मामलों में ग्रोथ में थोड़ी सी भी निराशा या सुधार न होने से शेयर की कीमत में भारी गिरावट आने की आशंका रहती है।