आज भारतीय शेयर बाजार पस्त (सोर्स-सोशल मीडिया)
Global Market Impact On Sensex: वैश्विक बाजारों में छाई मंदी और अमेरिकी शेयर मार्केट में आई भारी गिरावट का असर मंगलवार को भारतीय दलाल स्ट्रीट पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों ने लाल निशान के साथ कारोबार की शुरुआत की और कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं। इस गिरावट का मुख्य कारण वॉल स्ट्रीट पर हुई भारी बिकवाली और अमेरिका में बर्फीले तूफान से पैदा हुई आर्थिक अनिश्चितताओं को माना जा रहा है। भारतीय आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से नकारात्मक हो गया है और निवेशक डरे हुए हैं।
मंगलवार सुबह कारोबार शुरू होते ही BSE का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 836 अंकों के बड़े नुकसान के साथ 82457 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क निफ्टी भी 235 अंकों की गिरावट दर्ज करते हुए 25477 के महत्वपूर्ण लेवल पर ट्रेड करता हुआ देखा गया। एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक और हिन्दुस्तान यूनीलीवर जैसे चुनिंदा शेयरों को छोड़कर सेंसेक्स की बाकी सभी बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे।
बाजार में आई इस सुनामी का सबसे बुरा असर आईटी स्टॉक्स पर पड़ा है जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसद से भी अधिक टूट चुका है। दिग्गज कंपनियों जैसे एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई जिससे वे आज के टॉप लूजर बन गए। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में भी निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया जिससे बाजार में लगातार दबाव बना रहा।
बाजार में गिरावट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन यानी एनएमपी 2.0 पेश करने की एक बहुत बड़ी घोषणा की है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में सरकारी संपत्तियों के मुद्रीकरण से 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। सरकार को उम्मीद है कि इसमें निजी निवेश के जरिए 5.8 लाख करोड़ रुपये आएंगे जिससे देश के बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी।
शेयर बाजार में गिरावट के विपरीत कमोडिटी मार्केट में सोने की कीमतों में लगातार पांचवें दिन तेजी दर्ज की गई और इसकी चमक काफी बढ़ी है। कच्चे तेल की बात करें तो ईरान के साथ परमाणु वार्ता की संभावना के बीच ब्रेंट क्रूड गिरकर 71.28 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिकी व्यापार नीति और तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करने के लिए मजबूर किया है जिससे भाव बढ़ रहे हैं।
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सोमवार को भारतीय निवेशकों के लिए दिन काफी अच्छा रहा था और सेंसेक्स 480 अंक की तेजी के साथ 83294 के स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ फैसलों को रद्द करने से बाजार उत्साहित था लेकिन यह खुशी अगले ही दिन पूरी तरह काफूर हो गई। आज की गिरावट ने कल के पूरे मुनाफे को धो दिया है और अब विशेषज्ञ बाजार के एक सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना जता रहे हैं।