भारत सरकार ने कसा इन सस्ते विदेशी सामान पर शिकंजा, जानिए आखिर में कौन सा बड़ा फैसला लिया
भारत सरकार ने दरवाजे के पल्लों को जोड़ने के लिए उपयोग किए जाने वाले कब्जों के इंपोर्ट को बैन कर दिया है। आपको बता दें कि ये कब्जे चीन, जापान और जर्मनी से भारत में इंपोर्ट होते थे, जिनपर अब प्रतिबंध लगा दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
चीनी इंपोर्ट बैन (सौ. सोशल मीडिया )
सरकार ने चीनी से आने वाले सस्ते माल पर रोक लगाने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। केंद्र की मोदी सरकार ने चीन जैसे बाकी देशों से सस्ती कीमत पर इंपोर्ट रोकने के लिए एक तय मूल्य से कम कीमत वाले कब्जे और रोलर चेन के इंपोर्ट पर बैन लगा दिया है।
आपको बताते हैं कि कब्जा एक हार्डवेयर कंपोनेंट है, जिसका उपयोग दरवाजे के पल्ले को फ्रेम से जोड़ने के लिए किया जाता है। साथ ही, रोलर चेन का उपयोग साइकिल, मोटरबाइक और प्रिटिंग प्रेस सहित कई प्रकार की मशीनों में किया जाता है।
इंपोर्ट पर बैन
सरकार ने कहा है कि अगर कब्जे की कीमत 280 रुपये प्रति किलो से भी कम है, तो उसके इंपोर्ट पर बैन लागू होगा। साथ ही, अगर रोलर चेन का प्राइस 235 रुपये प्रति किलो से कम है, तो इंपोर्ट पर बैन लागू होगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने नोटिफिकेशन जारी करके कहा है कि, 280 रुपये प्रति किलो से कम कीमत वाले कब्जे का इंपोर्ट बैन हैं।
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जर्मनी और इटली से भी आते हैं दरवाजे के कब्जे
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक और नोटिफिकेशन में कहा है कि 235 रुपये प्रति किलो से कम कीमत वाले रोलर चेन और स्पेयर पार्ट्स के इंपोर्ट पर बैन लगाया गया है। इन दोनों चीजों के इंपोर्टर्र को इंपोर्ट प्राइस तय दरों से कम होने पर डीजीएफटी से परमिशन लेनी होगी। भारत में प्रमुख रुप से कब्जे का इंपोर्ट चीन के अलावा इटली और जर्मनी जैसे देशों से किया जाता है। जबकि चेन का इंपोर्ट खासतौर पर चीन, जापान और जर्मनी से किया जाता है।
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नोटिफिकेशन हुआ जारी
डीजीएफटी ने नोटिफिकेशन में कहा है कि समय-समय पर संशोधित विदेश व्यापार नीति यानी एफटीपी 2023 के पैराग्राफ 1.02 और 2.01 के साथ पढ़ी जाने वाली विदेशी व्यापार विकास और विनियमन अधिनियम, 1992 की सेक्शन 3 और 5 द्वारा मिलने वाली शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार आईटीसी 2022, अनुसूची 1 इंपोर्ट पॉलिसी के चैप्टर 73 के स्पेशल एचएस कोडस के अंतर्गत आने वाले गुड्स की पॉलिसी कंडीशन को तुरंत प्रभाव से संसोधित करती है। डीजीएफटी ने बताया है कि ये नोटिफिकेशन कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर की परमिशन लेकर जारी किया गया है।
