
शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Share Market Today Analysis Nifty Sensex Fall: भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का रुख देखने को मिला है, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी दोनों ही सूचकांक लाल निशान के साथ खुले। बाजार की इस सुस्ती ने बैंकिंग और मिडकैप शेयरों को भी प्रभावित किया है, जो बेंचमार्क इंडेक्स के साथ नीचे की ओर कारोबार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक गतिविधियों ने बाजार की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
गुरुवार सुबह शुरुआती कारोबार में NSE निफ्टी 43 अंक या 0.17% की गिरावट के साथ 26,097 के स्तर पर खुला, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। इसी तरह BSE सेंसेक्स भी 175 अंक या 0.21% लुढ़ककर 84,786 के स्तर पर पहुंच गया, जिससे शुरुआती बढ़त की उम्मीदें धूमिल हो गईं। बैंक निफ्टी में 0.17% और मिडकैप शेयरों में 0.06% की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में व्यापक बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।
वॉल स्ट्रीट पर तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला टूटने के बाद आज सुबह एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.46% की गिरावट के साथ खुला, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली 0.12% की बढ़त बनाने में सफल रहा। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में कमजोर बंद हुए थे, जहां डॉव जोन्स 466 अंक टूट गया, जिससे दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला से तेल आयात के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख देखा गया है। WTI क्रूड 0.62% की बढ़त के साथ 56.34 डॉलर पर और ब्रेंट क्रूड 0.66% की तेजी के साथ 60.34 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल राजस्व को अनिश्चित काल तक नियंत्रित करने के फैसले ने ऊर्जा बाजार में नई बहस और कीमतों में अस्थिरता पैदा कर दी है।
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है क्योंकि वैश्विक आर्थिक स्थितियां काफी जटिल बनी हुई हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वर्तमान स्तरों पर सावधानी बरतें और लंबी अवधि के निवेश के लिए क्वालिटी स्टॉक्स का चुनाव करें। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।






