शेयर मार्केट, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Stock Market Crash: ग्लोबल संकेतों के सकारात्मक रहने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह की शुरुआत बेहद खराब रही। जहां दुनिया भर के प्रमुख एशियाई इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, वहीं घरेलू मोर्चे पर सेंसेक्स और निफ्टी ने खुलते ही गोता लगा दिया, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं।
सोमवार, 12 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत उम्मीद के विपरीत रही। सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 83,576.24 के स्तर से गिरकर 83,435.31 पर ओपन हुआ। गिरावट का सिलसिला यहीं नहीं थमा और महज दो मिनट के भीतर यह 525 अंकों से ज्यादा फिसलकर 83,043 के स्तर पर ट्रेड करने लगा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। निफ्टी अपने पिछले बंद 25,683.30 की तुलना में गिरकर 25,669.05 पर खुला और देखते ही देखते 150 अंक से ज्यादा टूटकर 25,529 के लेवल पर आ गया। यह गिरावट बाजार के विशेषज्ञों के लिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि ग्लोबल संकेत मजबूत नजर आ रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि भारतीय बाजार में यह गिरावट उस समय देखी गई जब तमाम एशियाई बाजार ‘ग्रीन जोन’ में कारोबार कर रहे हैं,। जापान का Nikkei हो, हांगकांग का Hang Seng हो या दक्षिण कोरिया के बाजार, सभी जगह सप्ताह के पहले दिन तेजी का माहौल बना हुआ है,। सोमवार को ग्लोबल स्तर पर तेजी के संकेत मिल रहे थे, लेकिन भारतीय इंडेक्स ओपन होते ही इन संकेतों के विपरीत दिशा में चले गए। यह विरोधाभास घरेलू निवेशकों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है।
बाजार खुलते ही कई बड़ी और दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल BEL (1.70%), Adani Ports (1.50%) और PowerGrid (1.20%) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में स्थिति और भी खराब नजर आई:
भारतीय बाजार में गिरावट का यह सिलसिला नया नहीं है, बल्कि यह पिछले सप्ताह की निरंतरता मानी जा रही है। पिछले हफ्ते के पांच कारोबारी दिनों में सेंसेक्स कुल 2,185.77 अंक या 2.54% टूट गया था। बाजार की वैल्यू के हिसाब से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से सात को भारी नुकसान हुआ था और उनके लगभग 3.63 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए थे।
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उस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को उठाना पड़ा था। सूत्रों के अनुसार, ट्रम्प टैरिफ के डर से भी बाजार में दहशत का माहौल बना हुआ है, जिससे पिछले दिनों में लगभग 13 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं।