ED एक्शन से अनिल अंबानी को हुआ भारी नुकसान, रिलायंस इंफ्रा के शेयर गिरे
ED ने हाल ही में Yes Bank से जुड़े मामले में अनिल अंबानी की कंपनियों पर एक्शन लिया है। जिसके चलते अनिल अंबानी की कंपनियां Reliance Infra और Reliance Power के शेयरों में लोअर सर्किट लगा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अनिल अंबानी, (चेयरपर्सन, रिलायंस ग्रुप)
Reliance Infra Share Price: प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के अनिल अंबानी पर एक्शन से उन्हें भारी नुकसान होता हुआ नजर आ रहा है। ईडी के द्वारा छापेमारी करने के बाद रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के शेयरों में शुक्रवार को लोअर सर्किट लगा है। जिसके कारण दोनों ही कंपनियों के शेयर इंट्रा डे पर 5-5 परसेंट नीचे गिर गए हैं।
ईडी की कार्रवाई शुरू होने के बाद दोनों कंपनियों में लगातार निवेशक बिकवाली कर रहे हैं और पिछले 2 ट्रेड सेशन में शेयर 10 प्रतिशत से ज्यादा फिसल चुके हैं। ईडी की ओर से अनिल अंबानी के द्वारा लीड की जाने वाली कंपनी रिलायंस ग्रुप के 35 से ज्यादा ठिकानों पर 3,000 करोड़ रुपए के यस बैंक लोन घोटाले मामले में छापे मारे गए थे।
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा के शेयर कितने परसेंट नीचे गिरे?
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों ने सफाई देकर कर खुद को जांच से अलग कर लिया है और कहा है कि ईडी की कार्रवाई मुख्य रूप से रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस होम फाइनेंस से संबंधित है। ये दोनों कंपनियां अब उनसे किसी भी प्रकार से जुड़ी नहीं हैं। दिन के ट्रेडिंग के दौरान, रिलायंस पावर का शेयर 5 परसेंट के लोअर सर्किट के साथ गिरकर 56.72 रुपये पर आ गया। वहीं, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर भी 5 परसेंट के लोअर सर्किट के साथ 341.85 रुपये पर था।
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ईडी की जांच में क्या हुआ?
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए के अंतर्गत अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की जांच शुरू कर दी है। ईडी की प्रारंभिक जांच में बैंकों, शेयरहोल्डर्स, इंवेस्टर्स और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के साथ धोखाधड़ी करके जनता के पैसों को इधर-उधर करने/निपटाने की एक सुनियोजित और सोची-समझी योजना का खुलासा हुआ है। साथ ही, यस बैंक लिमिटेड के प्रमोटर सहित बैंक अधिकारियों को रिश्वत देने का अपराध भी जांच के दायरे में है।
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प्रारंभिक जांच में यस बैंक से 2017 से 2019 तक करीब 3,000 करोड़ रुपए के अवैध लोन डायवर्जन के बारे में जानकारी मिली है। ईडी ने पाया है कि लोन स्वीकृत होने से ठीक पहले, यस बैंक के प्रमोटरों को पैसा दिया गया था। एजेंसी रिश्वतखोरी और लोन के इस गठजोड़ की भी जांच कर रही है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
