आम जनता को RBI देगा दिवाली गिफ्ट, सस्ती हो जाएगी लोन की किश्त

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया दिवाली के पहले होने वाली एमपीसी में रेपो रेट में कटौती कर सकता है। बताया जा रहा है कि इस साल आरबीआई के द्वारा तकरीबन 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है।
Reserve Bank Of India
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (फाइल फोटो)
Published on
Updated on

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने देश की आम जनता को बहुत बड़ी सौगात देने वाला है। इस तोहफे से लोगों को काफी राहत मिल सकती है। आर्थिक मोर्चे पर जीडीपी को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने मॉनिटरी पॉलिसी में ढील देने की तैयारी की है।

बताया जा रहा है कि आरबीआई की ओर से अगले महीने यानी जून के महीने से लेकर दिवाली तक 0.50 प्रतिशत की कटौती होना तय है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले महीने 4 से 5 जून के बीच आरबीआई की समीक्षा बैठक है। इससे एमपीसी की ओर से अहम फैसला लेकर लोगों को खुशखबरी दी जा सकती है।

रिपोर्ट्स की मानी जाए तो आरबीआई एमपीसी से पहले ही 0.25 प्रतिशत की कटौती होना तय हो चुका है। अगस्त के पहले हफ्ते में या फिर सितंबर के आखिरी हफ्ते में होने वाली मीटिंग में आरबीआई की ओर से रेपो रेट में एक और कटौती हो सकती है। साथ ही आपको ये भी बता दें कि इस साल दिवाली भी 20 अक्टूबर को मनायी जाने वाली है। ऐसे में इस कटौती को जनता दिवाली गिफ्ट के तौर पर देख सकती है।

दिवाली गिफ्ट

आरबीआई ने इस साल फरवरी के महीने में ही 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जबकि अप्रैल के महीने में हुई मीटिंग के बाद फिर से रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी। एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आरबीआई की ओर से 125 बेसिक प्वाइंट तक की कटौती की जा सकती है।

एसबीआई ने इस महीने के पहले हफ्ते में जारी की रिपोर्ट में ये बताया है कि जून और अगस्त के महीने में होने वाली एमपीसी में 0.75 प्रतिशत की कटौती की जाने की संभावना है, जबकि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के दौरान ये कटौती 0.50 प्रतिशत तक होना संभव है।

क्या होता है रेपो रेट

रेपो रेट वो दर होती है, जिस पर आरबीआई की ओर से बैंकों को कर्ज दिया जाता है। अगर रेट रेट में कटौती होती तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है, क्योंकि उसके बाद बैंकों की ओर से मिलने वाला बैंक लोन सस्ता हो जाता है। साथ ही, लोगों के लोन पर ईएमआई भी सस्ती हो जाती है। जिसके कारण होम लोन और व्हीकल लोन भी सस्ते हो जाते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com