RBI MPC Meeting: गवर्नर संजय मल्होत्रा बोले- रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटकर 6.6%
RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक की एमपीसी बैठक 2026 में रेपो रेट को 5.25% पर ही रखा गया है। संजय मल्होत्रा के अनुसार भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6.6% कर दिया है।
- Written By: प्रिया सिंह
भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर संजय मल्होत्रा (सोर्स-सोशल मीडिया)
RBI MPC Meeting 2026 Updates: मौद्रिक नीति समिति ने हाल ही में अपनी बहुप्रतीक्षित बैठक संपन्न की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली से जुड़े अहम फैसले लिए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि बैंक ने मुख्य ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इससे होम लोन और अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
इस बैठक के बाद प्रमुख संजय मल्होत्रा ने अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी और आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि बैंक ने नीतिगत रुख को तटस्थ रखने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अलावा देश की जीडीपी विकास दर को लेकर भी नए संशोधित अनुमान जारी किए गए हैं। यह जरूरी कदम बाजार में बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखकर पूरी सावधानी से उठाया गया है।
रेपो रेट 5.25% पर बरकरार
RBI ने अपनी हालिया बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का अहम फैसला किया है। इसका मतलब यह है कि बैंकों को रिजर्व बैंक से मिलने वाले कर्ज की ब्याज दर समान रहेगी। इससे होम लोन और ऑटो लोन जैसे कर्जों की EMI में कोई भी बढ़ोतरी नहीं होगी। आम आदमी के लिए यह एक बहुत ही बड़ी और शानदार राहत मानी जा रही है।
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ब्याज दरों को स्थिर रखने के साथ ही RBI ने नीति के रुख को तटस्थ घोषित कर दिया है। तटस्थ रुख का अर्थ है कि केंद्रीय बैंक भविष्य में जरूरत के अनुसार दरें बदल सकता है। यह फैसला बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए बहुत ही सोच-समझकर लिया गया है। इससे बैंक को भविष्य के किसी भी आर्थिक झटके से निपटने में बहुत आसानी मिलेगी।
जीडीपी ग्रोथ का नया अनुमान
संजय मल्होत्रा ने अपनी प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर को संशोधित किया गया है। अब विकास दर का नया अनुमान घटाकर 6.6% कर दिया गया है जो पहले थोड़ा अधिक था। विकास दर में यह कमी कई अलग-अलग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कारणों की वजह से है। हालांकि 6.6% वृद्धि दर के साथ भी देश की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ती रहेगी।
रेपो रेट 5.25% का बाजार और आम आदमी पर असर
रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रहने से उन लोगों को फायदा होगा जिनके लोन की EMI चल रही है। बैंक अब ग्राहकों पर ब्याज दर बढ़ाने का कोई भी नया और अतिरिक्त बोझ नहीं डालेंगे जिससे घर का बजट संतुलित रहेगा। वहीं विकास दर 6.6% रहने से रोजगार के कुछ नए अवसरों पर थोड़ा बहुत प्रभाव पड़ सकता है। जानकारों के अनुसार तटस्थ नीति से अर्थव्यवस्था को लंबी स्थिरता मिलेगी।
इस अहम बैठक से यह बिल्कुल साफ हो गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक बहुत ही सावधानी से काम कर रहा है। जीडीपी अनुमान का 6.6% होना यह दर्शाता है कि निवेश और उत्पादन को लेकर नई चुनौतियां आ सकती हैं। इसके बावजूद देश की पूरी बैंकिंग प्रणाली मजबूत है और किसी भी संकट का सामना करने को तैयार है। आने वाले समय में बाजार की महंगाई को नियंत्रित करना मुख्य लक्ष्य रहेगा।
