दाने-दाने को तरसा पाकिस्तान, अब तेल ने निकाला दम! खाली हुआ खजाना; क्या श्रीलंका की राह पर है पड़ोसी मुल्क?
Pakistan Economy: ये आंकड़े दक्षिण एशिया में सबसे खराब हैं और यह दर्शाते हैं कि शासक वर्ग आर्थिक अस्थिरता को कम करने में विफल रहा है। पाकिस्तान का व्यापार घाटा 10 अरब डॉलर से अधिक है।
- Written By: मनोज आर्या
प्रतीकात्मक तस्वीर
Pakistan Economic Crisis 2026: अमेरिका-इजरायल और ईरान में के बीच युद्ध के बाद तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और व्यापार घाटे में उछाल के कारण पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता एक गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। लाहौर स्थित ‘फ्राइडे टाइम्स’ में प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय, आर्थिक विकास दर, घटते निर्यात और कम विदेशी मुद्रा भंडार के संदर्भ में पाकिस्तान गंभीर संकट में है।
आर्टिकल में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता उसके 3.1 प्रतिशत के जीडीपी विकास दर और मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) पर 193 देशों में 168वें स्थान पर है। पाकिस्तान की 1,812 डॉलर की प्रति व्यक्ति आय, 28.9 प्रतिशत गरीबी दर, 60 प्रतिशत वयस्क साक्षरता दर, 2.52 करोड़ स्कूल से बाहर बच्चों और 15-24 आयु वर्ग में 12.8 प्रतिशत बेरोजगारी दर है।
दक्षिण एशिया में सबसे खराब आंकड़े
ये आंकड़े दक्षिण एशिया में सबसे खराब हैं और यह दर्शाते हैं कि शासक वर्ग आर्थिक अस्थिरता को कम करने में विफल रहा है। पाकिस्तान का व्यापार घाटा 10 अरब डॉलर से अधिक है, निर्यात घट रहे हैं और विदेशी मुद्रा भंडार भी संतोषजनक नहीं है, जिसमें स्टेट बैंक के पास केवल 16.5 अरब डॉलर हैं।
सम्बंधित ख़बरें
पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे पर चला बुलडोजर, भारत ने शहबाज सरकार को लगाई कड़ी फटकार
हम न डरते हैं और न… अफगान मंत्री ने पाकिस्तान को दी खुली धमकी, कहा- हमने बड़ी ताकतों को हराया
Indus Water Treaty: भारत की सिंधु जल स्ट्राइक से पाकिस्तान में डर! आने वाला है बड़ा संकट?-VIDEO
फिर बिल से बाहर निकले बिलावल भुट्टो, सिंधु जल संधि पर भारत को दी परमाणु धमकी, कहा- पानी रोकना अस्तित्व पर हमला
तेल और गैस की कीमतों ने रुलाया
फारस की खाड़ी और पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद इसके प्रभाव पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर हैं। तेल की कीमत में 55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि और गैस की कीमत में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी से महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि होगी। बिजली और परिवहन की लागत बढ़ने से पाकिस्तान की 250 मिलियन आबादी की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
बुनियादी सुविधाओं की भी किल्लत
लेख में यह भी कहा गया है कि जब कोई देश आर्थिक रूप से कमजोर हो और अपने लगभग 80 वर्षों के अस्तित्व में आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ाने में असफल रहा हो, तो इसका मतलब है कि वह अपने लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में विफल रहा है। इसमें स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल, बेहतर आवास, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता शामिल है।
यह भी पढ़ें: Dollar vs Rupee: कच्चे तेल की आग में झुलसा रुपया! डॉलर के मुकाबले 93.71 के रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचा
कर्ज चुकाने खर्च हो रहा बजट
संघीय बजट का बड़ा हिस्सा बाहरी कर्ज चुकाने या रक्षा खर्चों में चला जाता है। केवल लगभग 20 प्रतिशत राशि ही प्रशासन चलाने और 18वें संशोधन के तहत प्रांतों को देने के लिए बचती है। विकासात्मक खर्चों के लिए कोई पैसा नहीं बचता, जिससे आंतरिक और बाहरी उधारी बढ़ती जाती है।
