Income Tax Bill 2025 पर जनता की अदालत! संसद की समिति ने विशेषज्ञों और संगठनों से मांगी राय
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इच्छुक लोग अपने सुझाव या ज्ञापन हिंदी या अंग्रेजी में लोकसभा सचिवालय, कक्ष संख्या 133A में भेज सकते हैं। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि दो सप्ताह तय की गई है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
प्रतीकात्मक तस्वीर, नवभारत आर्काइव
नई दिल्ली : संसद की लोकसभा चयन समिति ने आयकर विधेयक 2025 (Income Tax Bill 2025) पर जनता, विशेषज्ञों, उद्योग संगठनों और विभिन्न हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस समिति की अध्यक्षता बीजेपी सांसद बैजयंत जय पांडा कर रहे हैं।
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इच्छुक लोग अपने सुझाव या ज्ञापन हिंदी या अंग्रेजी में लोकसभा सचिवालय, कक्ष संख्या 133A में भेज सकते हैं। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि दो सप्ताह तय की गई है, यानी 14 दिन के भीतर प्रतिक्रिया देना अनिवार्य होगा।
क्या है आयकर विधेयक 2025 का मकसद?
सरकार ने जुलाई 2024 के बजट में 1961 के आयकर अधिनियम की जगह एक नया, सरल और स्पष्ट कानून लाने की बात कही थी। इसका उद्देश्य करदाताओं को अधिक पारदर्शिता, निश्चितता और न्यायिक राहत देना है, साथ ही व्यवसाय करने में आसानी सुनिश्चित करना है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह नया आयकर कानून Finance Bill 2025 का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसे अलग रूप में लाया गया है और विशेष समिति इसकी गहन समीक्षा कर रही है।
वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान
मार्च 2025 में संसद में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा था कि यह बिल ईमानदार करदाताओं को ऐतिहासिक राहत देने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार सीधे करों में सुधार, व्यापारिक नियमों में सरलता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से काम कर रही है।
कुछ प्रमुख घोषणाएं
- कस्टम टैरिफ स्लैब को 21 से घटाकर सिर्फ 8 किया गया।
- उद्योगिक वस्तुओं पर सात टैरिफ दरें हटाई गईं।
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बिल से किन-किन को होगा असर?
यह नया विधेयक व्यक्तिगत करदाताओं, व्यवसायों और गैर-लाभकारी संस्थाओं को प्रभावित करेगा। इसमें कर ढांचे को आसान और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस कानून से देश के राजस्व ढांचे में स्थिरता, उद्योगों को बढ़ावा और जनता को राहत मिलेगी।
