पेटीएम ( सौजन्य : ट्विटर )
नई दिल्ली : भारत की सबसे मशहूर फिनटेक कंपनियों में से एक पेटीएम इन दिनों काफी दिक्कतों का सामना कर रही है। बीते कुछ दिनों से ये कंपनी नई मुसीबतों में पड़ते जा रही है। पेटीएम ने अपनी कंपनी में काम करने वाले कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। अब खबर आ रही है कि पेटीएम ने अपनी कंपनी से बर्खास्त 1 कर्मचारी से ज्वाइनिंग बोनस की मांग की थी। जिसकी शिकायत उसने श्रम मंत्रालय से की थी।
बुधवार को श्रम मंत्रालय से पेटीएम को फटकार लगने के बाद पेटीएम मैनेजमेंट क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के सामने पेश हुआ था। जिसमें बर्खास्त किए गए कर्मचारी से जबरन ज्वाइनिंग बोनस की वसूली न करने पर पेटीएम सहमत हो गया।
आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पेटीएम ने इस कर्मचारी को नोटिस अवधि का भुगतान करने पर भी सहमति जताई है। हालांकि सूत्रों ने पेटीएम से जुड़े रहे इस कर्मचारी का नाम नहीं बताया। इस मुद्दे पर ऑनलाइन भुगतान मंच पेटीएम को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कर्मचारी ने क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बेंगलुरु की मौजूदगी में नौकरी से हटाए जाते समय पेटीएम की तरफ से की गई वित्तीय पेशकश को स्वीकार कर लिया है। सूत्रों ने कहा कि बातचीत के बाद दोनों पक्षों की संतुष्टि के लिए शिकायत का निपटान कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बेंगलुरु ने पेटीएम में कथित बर्खास्तगी के तौर-तरीकों को लेकर एक कर्मचारी की तरफ से शिकायत दायर किए जाने के बाद तेजी से कार्रवाई की और फौरन ही कंपनी को नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा, “पेटीएम प्रबंधन का प्रतिनिधि बुधवार को आयुक्त के सामने पेश हुआ और ‘ज्वाइनिंग बोनस’ की वसूली नहीं करने और कर्मचारी को नोटिस अवधि का भुगतान करने पर सहमत हुआ।”
हालांकि पेटीएम के कुछ अन्य कर्मचारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ अन्य कर्मचारियों ने भी कथित तौर पर पेटीएम द्वारा जबरन बर्खास्तगी के तरीके पर अपना असंतोष व्यक्त किया था।
( एजेंसी इनपुट के साथ )