ADB की भीख पर पलेगा पाकिस्तान, फिर से ले लिया इतना उधार

भारत का दुश्मन देश पाकिस्तान लगातार आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। जिसके चलते वो विश्व के कई बैंकों से कर्ज ले रहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने एडीबी के साथ 35 करोड़ डॉलर का लोन कॉन्ट्रेक्ट साइन किया।
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एशियाई विकास बैंक (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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इस्लामाबाद : भारत से मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान खाने को भी मौहताज हो गया है। इसीलिए आर्थिक संकटों से बाहर आने के लिए वो कई बैंक की मदद ने रहा हैं। हाल ही में पाकिस्तान ने महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत बनाने के लिए और वित्तीय समावेशन के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक यानी एडीबी के साथ 35 करोड़ डॉलर के लोन कॉन्ट्रेक्ट पर साइन किया हैं।

रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, महिला समावेशी वित्त यानी डब्ल्यूआईएफ सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम क्षेत्र के अंतर्गत कॉन्ट्रेक्ट पर मंगलवार को आर्थिक मामलों के प्रभाग की एडिशनल सेक्रेटरी सबीना कुरैशी और प्रोजेक्ट एडमिनिस्ट्रेशन यूनिट के प्रमुख दिनेश राज शिवकोटी ने साइन किए। इसमें कहा गया है कि ये प्रोग्राम महिलाओं को वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच, व्यावसायिक अवसरों का विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करेगा।

डब्ल्यूआईएफ का सब प्रोग्राम-2 चार प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं के वित्तीय समावेशन के लिए सक्षम पॉलिसी और नियामकीय वातावरण बनाना, महिलाओं के लिए फाइनेंस बढ़ाना, महिलाओं की उद्यमिता क्षमता को मजबूत करना और फाइनेंशियल सेक्टर के अंदर समावेशी और न्यायसंगत कार्यस्थलों को बढ़ावा देना शामिल है।

रेडियो पाकिस्तान ने कहा कि ये कॉन्ट्रेक्ट महिलाओं को नेशनल इकोनॉमी का सक्रिय हिस्सा बनाने की पाकिस्तान सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस पहल से न सिर्फ महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि इससे उनके ज्यादा समावेशी, न्यायसंगत और समृद्ध भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

9 जून को जारी आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में पाकिस्तान का कर्ज बढ़कर 76,000 अरब रुपये हो गया है। यह दर्शाता है कि नकदी की कमी से जूझ रहे देश की अर्थव्यवस्था इस साल 2.7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष आनी आईएमएफ ने पिछले साल 7 अरब डॉलर के बाह्य कोष सुविधा यानी ईएफएफ लोन कॉन्ट्रेक्ट पर साइन किए थे। पाकिस्तान को अबतक दो किस्तें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से दूसरी किस्त इस वर्ष मई में वितरित की गई थी।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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