Gold Rate Today: सोने के दामों में क्यों आया तूफान, वित्त मंत्री ने बताई असली वजह; अब आगे क्या?

Nirmala Sitharaman: इंडिया बुलियन डेटा के मुताबिक, महज पिछले पांच दिनों में सोने के दाम में 19% से ज्यादा की भारी गिरावट आई है। 29 जनवरी को इसने 170,480 रुपये के लेवल पर अपना ऑलटाइम हाई बनाया था।
nirmala sitharaman 3
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

FM Nirmala Sitharaman on Gold Price Volatility: भारत में पिछले कुछ दिनों सोना और चांदी की कीमतों में भारी अनिश्चितता देखने को मिल रही है। पिछले महीने की शुरुआत में सोना और चांदी की कीमतें लगभग हर रोज ऑलटाइम हाई लेवल हिट कर रही थीं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से भारी प्रॉफिट बुकिंग देखी जा रही है।

सोमवार, 2 फरवरी को चांदी अपने रिकॉर्ड हाई लेवल से 1,94,000 रुपये से ज्यादा फिसल चुकी थी। वहीं, सोना भी 1,37,000 रुपये आसपास कारोबार कर रहा था। सोने-चांदी के इस उतार-चढ़ाव पर सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

सोने की कीमतों पर वित्त मंत्री का बयान

सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि अंतराष्ट्रीय बाजार में जो अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, उसका सीधा असर सोने की कीमतों पर दिख रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया भर में निवेशक इस समय किसी एक करेंसी पर पूरी तरह से भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, जिसकी वजह से वे कमोडिटी मार्केट का रुख कर रहे हैं। इससे सोने के भाव में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

5 दिन 20% लुढ़का सोने का भाव

इंडिया बुलियन डेटा के मुताबिक, महज पिछले पांच दिनों में सोने के दाम में 19% से ज्यादा की भारी गिरावट आई है। 29 जनवरी को इसने 170,480 रुपये के लेवल पर अपना ऑलटाइम हाई बनाया था। आज इसने 137065 रुपये पर इंट्राडे लो बनाया। हालांकि, बाद में थोड़ी रिकवरी देखी गई और यह 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा था।

वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान सोना करीब 13,000 रुपये तक टूट गया था, हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी आई थी। रविवार को सोना 1,47,753 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन सोमवार को MCX पर कारोबार शुरू होते ही यह फिसलकर 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स पर सरकार का जोर

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सरकार की प्राथमिकता निवेश को एक ऐसे टूल की तरह इस्तेमाल करना है जो विकास को गति दे सके। इस बार के बजट में लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स पर जोर दिया गया है। निर्मला सीतारमण ने अपने बजट स्पीच में फिस्कल प्रूडेंस और मॉनिटरी स्टैबिलिटी को बनाए रखने की बात कही है। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक निवेश को बढ़ाना और इकोनॉमी में सुधार को जारी रखना है।

Navbharat Live
navbharatlive.com