नोएल टाटा के बेटे नेविल टाटा सर रतन टाटा ट्रस्ट बोर्ड में होंगे शामिल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Neville Tata joins Sir Ratan Tata Trust board: टाटा समूह के भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है जहां नोएल टाटा के पुत्र नेविल टाटा को सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल किया जा रहा है। मात्र 32 वर्ष की आयु में इस महत्वपूर्ण पद पर उनकी नियुक्ति टाटा साम्राज्य के भीतर नई पीढ़ी को कमान सौंपने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी। यह कदम न केवल नोएल टाटा के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है बल्कि टाटा संस की 51% से अधिक हिस्सेदारी नियंत्रित करने वाले ट्रस्टों की शक्ति को भी संतुलित करता है। रतन टाटा के निधन के बाद शुरू हुए इस उत्तराधिकार के दौर में नेविल की शांत कार्यशैली और व्यापारिक सूझबूझ पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
नेविल टाटा को इस सप्ताह के अंत में होने वाली बैठक में सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के बोर्ड में आधिकारिक रूप से शामिल किया जा सकता है। वह पहले से ही सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब उनकी भूमिका समूह की होल्डिंग कंपनी पर नियंत्रण के लिहाज से और भी व्यापक हो जाएगी। टाटा संस में इन ट्रस्टों की अहम हिस्सेदारी होने के कारण यह नियुक्ति समूह के रणनीतिक और प्रशासनिक निर्णयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नेविल ने लंदन के प्रतिष्ठित बेयस बिजनेस स्कूल से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और 2016 में ट्रेंट लिमिटेड के साथ अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने शुरुआत में फूड्स एंड बेवरेजेज वर्टिकल में अनुभव प्राप्त किया और बाद में ‘स्टार बाजार’ जैसे हाइपरमार्केट व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और जमीनी स्तर पर काम करने के अनुभव ने उन्हें टाटा के मूल्यों और आधुनिक व्यापारिक चुनौतियों के लिए तैयार किया है।
नेविल टाटा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट जूडियो (Zudio) ब्रांड के बिजनेस हेड के रूप में उनकी सफल पारी को माना जाता है। उनके नेतृत्व में जूडियो ने भारतीय फैशन बाजार में असाधारण विकास दर्ज किया और आज यह किफायती फैशन चाहने वाले युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय ब्रांड बन चुका है। उनकी प्रभावी कार्यशैली और व्यापार को विस्तार देने की क्षमता ने उन्हें टाटा समूह के भीतर एक सक्षम भविष्य के नेता के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है।
अपने पिता नोएल टाटा की तरह नेविल भी मीडिया की चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते हैं और एक लो-प्रोफाइल जीवनशैली जीते हैं। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बहुत कम दिखाई देते हैं लेकिन समूह की गुप्त रणनीतिक बैठकों में उनकी उपस्थिति और सुझावों को बहुत गंभीरता से लिया जाता है। उनके साथ उनकी दो बहनें, लिहा और माया टाटा भी क्रमशः ‘इंडियन होटल्स’ और ‘टाटा डिजिटल’ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रही हैं।
यह भी पढ़ें: Wealth Tsunami: एलन मस्क की दौलत में रिकॉर्ड उछाल, लेकिन दुनिया के टॉप-10 रईसों को लगा झटका
1892 में स्थापित टाटा ट्रस्ट्स न केवल भारत बल्कि एशिया की सबसे बड़ी परोपकारी संस्थाओं में से एक है जो स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अरबों का निवेश करती है। नेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में एंट्री के साथ अब 132 साल पुरानी इस विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी पर आ गई है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती टाटा के पारंपरिक मूल्यों को आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ तालमेल बिठाते हुए सुरक्षित रखने की होगी।