वित्त वर्ष 2024-25 साबित हुआ शुभ, सरकारी बैंकों का प्रदर्शिन रहा मजबूत

पब्लिक सेक्टर के बैंक वे होते हैं जिनमें केंद्र या राज्य सरकार के पास 50% से अधिक शेयर होते हैं। प्राइवेट सेक्टर के बैंक वे होते हैं जिनमें प्राइवेट फर्म या व्यक्ति अधिकांश शेयर रखते हैं।
Ministry of Finance figures for Public and Private Sector
एसबीआई (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली : भारत सरकार से जुड़े वित्त मंत्रालय ने इस सेक्टर को लेकर आंकड़े साझा किए है। मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने कहा है कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों यानी पीएसबी ने चालू वित्त वर्ष यानी 2024-25 की पहली छमाही को लेकर आंकड़े पेश किए हैं। जिसके आधार पर पता चला है कि इस सेक्टर ने वित्त वर्ष के शुरूआती 6 महीनों में काफी मजबूत प्रदर्शन किया है।

मंत्रालय ने बताया है कि इस दौरान सरकारी बैंकों के नेट प्रॉफिट में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा उनका कारोबार भी बढ़ा है जबकि गैर-निष्पादित आस्तियों यानी एनपीए में गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक सहित पब्लिक सेक्टर के 12 बैंकों का कुल कारोबार अप्रैल-सितंबर के दौरान 236.04 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

सरकारी बैंकों का जमा पोर्टफोलियो

वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 6 महीनों के दौरान उनके लोन में सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 102.29 लाख करोड़ रुपये रहा है। इस दौरान सरकारी बैंकों का जमा पोर्टफोलियो 9.5 प्रतिशत बढ़कर 133.75 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

बैंकिंग सेक्टर में सुधार

समीक्षाधीन अवधि में बैंकों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 1,50,023 करोड़ रुपये रहा है। नेट प्रॉफिट 25.6 प्रतिशत बढ़कर 85,520 करोड़ रुपये रहा है। सितंबर, 2024 में बैंकों का सकल और शुद्ध एनपीए क्रमश: 3.12 प्रतिशत और 0.63 प्रतिशत रहा है। इसमें सालाना आधार पर क्रमश: 1.08 प्रतिशत और 0.34 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि बैंकिंग सेक्टर में सुधार और नियमित निगरानी ने कई चिंताओं और चुनौतियों को हल किया है।

पब्लिक सेक्टर के बैंकों

पब्लिक सेक्टर के बैंक वे होते हैं जिनमें केंद्र या राज्य सरकार के पास 50% से अधिक शेयर होते हैं। प्राइवेट सेक्टर के बैंक वे होते हैं जिनमें प्राइवेट फर्म या व्यक्ति अधिकांश शेयर रखते हैं। पब्लिक सेक्टर के बैंकों की स्थापना के लिए संसद के अधिनियमों का उपयोग किया जाता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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